मोस्ट वांटेड आरोपी को झारखंड से दबोचकर लाई सायबर सेल पुलिस, ई-वालेट बनाकर करोड़ों की ठगी

जबलपुर। उमरिया जिले में रहने वाले सौरभ चौबे ने एम 2 मनी वॉलेट का ई-वालेट बनाकर मध्यप्रदेश सहित देश के कई रा’यों में लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की है। इस मामले की शिकायत जबलपुर सायबर सेल पुलिस को मिली जिस पर पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी सौरभ चौबे को झारखंड की राजधानी रांची से गिरफ्तार कर लिया है।

उक्ताशय की जानकारी सायबर सेल एसपी अंकित शुक्ला ने शनिवार को आयोजित पत्रवार्ता में दी। उन्होने आगे बताया कि उमरिया के पाली में रहने वाले जयशंकर चौबे का बेटा सौरभ उम्र 24 वर्ष सागर में स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय से माईनिंग विषय में डिप्लोमा कर रहा था। इस दौरान सौरभ ने एमटू-मनी नाम के ई-वॉलेट से उमरिया के अनिल सिंह के साथ 6 लाख रुपए की ठगी की, इसके बाद सौरभ चौबे ने पेटीएम और फोन-पे जैसे ई-वॉलेट बनाकर जल्द ही करोड़पति बनने का रास्ता अख्तियार कर लिया और इंटर्नेट पर ई-वॉलेट बनाने वाली सॉफ्टवेयर कंपनी सर्च कर ई-वॉलेट बनवाने इंदौर पहुंच गया। जहां उसने इंदौर के एक इंजीनियर से एमटू-मनी वॉलेट नाम का वॉलेट डिजायन करवाया। इसके बाद ठगी का कारोबार शुरु कर दिया, लोगों से रुपया जमाकर एक प्रतिशत ब्याज देकर करोड़ों रुपए की ठगी की।

10 लाख रुपए देकर ई-वॉलेट बनवाया-

एसपी अंकित शुक्ला ने बताया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि सौरभ चौबे ने ई-वालेट बनवाने के लिए इंदौर के इंजीनियर से संपर्क किया जिस पर इंजीनियर ने दस लाख रुपए का खर्च की जानकारी दी। इसके बाद सौरभ ने अपने दोस्तों को एकत्र कर ठगी के कारोबार का फायदा समझाया और पार्टनरशिप देने का कहकर रुपया एकत्र कर एमटू-मनी नाम के वॉलेट को बनवा लिया।

वॉलेट का प्रोपराइटर व एडमिन बना, 5 हजार यूजर्स-

इंदौर के इंजीनियर से मिलकर आरोपी सौरभ ने अपने जन्मदिन के दिन एमटू-मनी वॉलेट होस्ट करवाया एवं स्वयं उस वॉलेट का प्रोपराइटर व एडमिन बना। वॉलेट मे बिल पेमेन्ट, शॉपिंग आदि फीचर्स एड कराये। ठगी के आरोपी सौरभ चौबे से अपने एमटू मनी वॉलेट को अत्यधिक लोकप्रिय बनाने के लिये एवं जल्दी अमीर बनने के उद्देश्य से उसने लोगों को वॉलेट मे डाले गये पैसों का एक प्रतिशत ब्याज प्रतिदिन देने का विचार किया। जिससे लोग ‘यादा से ‘यादा वॉलेट इंस्टॉल कर उसमे पैसे रखना शुरू कर दें। वर्ष 2017 से शुरू हुई इस कहानी में एमटूमनी वॉलेट के यूजर्स लगभग 5000 हो चुके थे। जिनमे अधिकतर कॉलेज के छात्र व युवा वर्ग था जो जल्द से जल्द धनवान बनकर ऐश आराम की जिंदगी जीना चाहते थे। एमटूमनी वॉलेट का व्यापार करोड़ों के पास पहुंचता देख वॉलेट के मालिक एवं प्रोपराइटर सौरभ के मन में पहले से चल रहे प्लान को पूरा करने की बात दिमाग में आई।

ऐसे बना लिया प्लान और हड़प लिए रुपए-

एक तरफ एडवर्टाइजमेन्ट में सौरभ लोगों को वॉलेट मे जमा पैसे का एक प्रतिशत ब्याज प्रतिदिन देने की बात करता था लेकिन दूसरी तरफ उसका प्लान यह था कि जैसे ही वॉलेट यूजर्स ‘यादा पैसे जमा करेंगे वैसे ही वह सारे वॉलेट्स का एक्सेस डिनॉय कर सारे पैसे लेकर फरार हो जायेगा और अंत में हुआ भी यही सौरभ ने जैसे ही देखा एमटूमनी वॉलेट के सभी यूजर्स के द्वारा लगभग 80 लाख रुपये जमा कर दिये हैं। वॉलेट के एडमिन व प्रोपराइटर सौरभ ने सभी यूजर्स की वॉलेट फ्रीज कर उनका एक्सेस डिनॉय कर दिया। जिससे यूजर्स अपना पैसा न निकाल सकें और वह पैसा सौरभ ने अपने व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर कर लिया।

ई-वालेट में जमा कराए रुपयों से की अय्याशी-

सौरभ चौबे ने ई वॉलेट के माध्यम से हड़पे रुपयों से लग्जरी कार, हीरे की अंगूठी, सोने की चैन, लैपटॉप, महंगे सामान व विदेश यात्रा की अय्याशी में खर्च किया। आरोपी सौरभ चौबे द्वारा ई-वालेट के नाम से बिछाए गए ठगी के जाल में एमपी के उमरिया, जबलपुर सहित अन्य रा’यों के युवक भी ठगी का शिकार हुए है। जिन्होने ई-वालेट से ब्याज पाने के चक्कर में लाखों रुपए गवां दिए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है, जिसमें और भी खुलासे होगें।

एसपी अंकित शुक्ला ने बताया कि आरोपी सौरभ चौबे ने एमटूमनी वॉलेट मे बिजनेस पार्टनर बनाने के नाम पर जिला उमरिया के कई युवाओं एवं अपने ही दोस्तों से पैसे लिये और 2019 में फरार हो गया। जिस पर पीडि़तों ने जिला उमरिया में कई शिकायतें दर्ज कराई, इतना ही एसपी को भी शिकायतें दी गई। आरोपी सौरभ जिला उमरिया का मोस्ट वान्टेड है। सौरभ चौबे तकनीकी रूप से दक्ष है इसीलिये सौरभ के विरुध्द की गई पीडि़तों की शिकायत में कई थानों की पुलिस कार्यवाही करने मे असमर्थ नजर आई। जिसके बाद रा’य सायबर पुलिस की टीम ने आरोपी को धर दबोचा।