कोविड टेस्ट के 20 दिन बाद वुशु खिलाड़ी के घर पर पोस्टर चस्पा, 1 मई तक क्वारंटीन

जबलपुर में नगर निगम की टीम कोविड टेस्ट के 20 दिन बाद वुशु खिलाड़ी के घर पर पहुंचे और पॉजिटिव होने का पोस्टर चस्पा कर बोले 1 मई तक क्वारंटीन रहना है। जबकि खिलाड़ी पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है।

जबलपुर, संदीप कुमार। कोरोना काल में हर कोई परेशान है। लेकिन कुछ लोग दूसरों की गलती का भी खमियाजा भुगत रहे हैं, जबलपुर (Jabalpur) के सिविल लाइन रिज रोड निवासी वुशु खिलाड़ी श्रद्धा यादव (Wushu player Shraddha Yadav) भी स्वस्थ विभाग की लापरवाही का खमियाजा भुगत रही है, जिन्होंने शहर का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। आज वो खुद मजाक बन गई है। जहां वुशु खिलाड़ी के कोविड टेस्ट (Covid-19 Test) कराने 20 दिन बाद टेस्ट रिपोर्ट बताए बिना ही उनके घर के बाहर कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) का पोस्टर चस्पा कर दिया। जबकि श्रद्धा पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है। खिलाड़ी ने मामले में लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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यह है पूरा मामला
बीते 6 अप्रेल को जबलपुर के सिविल लाइन रिज रोड निवासी वुशु खिलाड़ी श्रद्धा यादव को बुखार आने के बाद उन्होंने विक्टोरिया हॉस्पिटल जाकर कोरोना जांच करवाई थी, आरटीपीसीआर जांच के बाद 48 घंटों में उनकी जांच रिपोर्ट आनी थी लेकिन 26 अप्रेल तक उनकी कोई रिपोर्ट नहीं आई। श्रद्धा ने तबियत खराब होने के बाद खुद 10 अप्रैल को ही आइसोलेट कर लिया था और डॉक्टर से परामर्श लेकर दवाइयां लेना शुरू कर दिया। जिसके बाद वह ठीक भी हो गईं। लेकिन 26 अप्रेल को अचानक नगर निगम की टीम उनके घर पहुंची और दरवाजे पर कोविड पॉजिटिव का पोस्टर लगा दिया। जबकि श्रद्धा और उनका परिवार पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है। इसमें भी कर्मियों ने होशियारी यह दिखाई कि पोस्टर में 22 अप्रेल की तारीख दर्ज कर दी और श्रद्धा को बताया कि उनकी रिपोर्ट 10 अप्रेल को ही पॉजिटिव आ गई थी। यही कारण है कि श्रद्धा ने लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले में सवाल यह है कि जब 10 अप्रैल को श्रद्धा की रिपोर्ट आ चुकी थी तो उन्हें बताया नहीं गया, चिकित्सकीय परामर्श क्यों नहीं दी गई और फिर 20 दिन बाद उसके घर जाकर पोस्टर लगाने का क्या मतलब है। यानी साफ है कि यदि आपको कोई भी बीमारी या परेशानी होती है तो उसकी सावधानी और इलाज के लिए आपको स्वयं ही ध्यान रखना है। यहां स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम आपकी फिक्र नहीं करेगा। यही कारण है कि श्रद्धा ने लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में लापरवाह प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। जबलपुर सीएसएमओ खुद कोरोना संक्रमित हैं, प्रभारी अधिकारी ने किसी तरह का बयान देने से मना कर दिया है।