पीडीएस चावल घोटाला मामले ने पकड़ा तूल, तेज हुए CBI जांच की मांग

जबलपुर, संदीप कुमार। मध्य प्रदेश पीडीएस चावल घोटाला का मामला अब पूरी तरह से तूल पकड़ चुका है अभी तक कि जाँच में कई अहम खुलासे हुए है माना जा रहा है कि इस घोटाले में कई बड़े लोग शामिल है लिहाजा नागरिक उपभोक्ता मंच ने चावल घोटाले में सीबीआई जांच की मांग की है। सीबीआई जांच की मांग को लेकर जबलपुर हाई कोर्ट में एक याचिका भी दायर हुई है। याचिका में कहा गया है कि चावल घोटाले मामले में ईओडब्ल्यू की बजाए सीबीआई से जांच करवाई जाए।मंच ने इस मामले में बड़े फर्जीवाड़ा की आशंका व्यक्त की है। याचिका में दलील दी गई है कि पीडीएस में अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है. इसके खुलासे के लिए सीबीआई के द्वारा जांच की जानी चाहिए।

नागरिक उपभोक्ता मंच के द्वारा जबलपुर हाई कोर्ट में दायर की याचिका में कहा गया है कि इस फर्जीवाड़े दूसरे राज्यों के भी तार जुड़े हो सकते हैं।याचिका दायर होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में जल्द ही इसपर सुनवाई हो सकती है।गौरतलब है कि मामले की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है. भोपाल ईओडब्ल्यू ने इसमें एफआईआर भी दर्ज की है. साथ ही एमपी सरकार ने भी दो अफसरों को निलंबित किया है।

हम आपको बता दे कि लॉकडाउन के दौरान मध्यप्रदेश के बालाघाट व मंडला जिले में गरीबों को जो चावल बांटे गए, उस पर केन्द्र सरकार ने एक रिपोर्ट दी।रिपोर्ट में बताया गया कि लॉकडाउन के दौरान एमपी के इन जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकार ने जो चावल बांटे वो इंसानों के खाने लायक नहीं थे. वो पोल्ट्री यूज के चावल थे. इसके बाद से ही प्रदेश में सियासत गरमा गई है।