जबलपुर। जिला अस्पताल विक्टोरिया में सैकड़ो मरीजो की जान उस वक्त खतरे में पड़ गयी जब मरीजो को परोसे जाने वाले भोजन में जहरीली गोलियां पायी गयीं। इन गोलियों का इस्तेमाल टायलेट के बैक्टीरिया मारने के लिए किये जाते हैं. यह गोलिया इतनी जहरीली होती है की इसे खाने से इंसान की मौत हो जाती है. लेकिन अस्पताल के एक कर्मचारी रतनलाल नागेश की सूझबूझ से यह हादसा टल गया।

अस्पताल के इस कर्मचारी के द्वारा मरीज को भोजन परोसने के पहले टेस्ट कर लेने से उसे उल्टियां होने लगी जिस वजह से इस भोजन को मरीजो के नही परोसा गया। मामला शुक्रवार की रात का है जब जिला अस्पताल विक्टोरिया में ईलाज करा रहे 600 मरीजो के लिए तैयार किये गए भोजन को परोसा जाना था. नियम के तहत मरीज को भोजन देने के पहले अस्पताल कर्मी रतन लाल नागेश की ड्यूटी भोजन को टेस्ट करने के लिए लगायी गयी थी. रतन लाल के द्वारा भोजन को चखने के बाद ही उल्टियां होने लगी. घबरा कर लखन लाल ने अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सको को इस बात की जानकारी दी. चिकित्सको ने तुरंत इस भोजन को बांटने से रोक दिया और इस भोजन की जांच की तब इसमे नेफ्थिलीन की गोलियां पायी गयी. नेफ्थिलीन की गोलियां टॉयलेट को साफ़ करने में उपयोग में लायी जाती हैं और यह गोलिया बेहद जहरीली होती हैं. मरीजो के भोजन में जहरीली गोलिया पाए जाने से हड़कंप मच गया. चिकित्सको ने इस संबंध में जिला प्रशासन के अधिकारियों को जानकारी दी और इस मामले में साजिश की आशंका जतायी है. सीएमएचओ मनीष मिश्रा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सको की एक टीम का गठन किया है जो की इस पूरे मामले की बारीकी से जांच करेगी. इसके साथ ही ओमती पुलिस थाना में इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज करायी है.600 मरीज की जान बचाने वाले अस्पताल कर्मी रतनलाल नागेश का मानना है कि वे अपनी ड्यूटी पूरी मुस्तैदी से कर रहे थे जिस वजह से मरीजो की जान का खतरा टल गया.