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भोपाल। प्रदेश में हो रही बिजली कटौती का ठीकरा ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत्त सिंह ने भाजपा के सिर फोड़ दिया है। साथ ही ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए चार सैकड़ा से ज्यादा अधिकारी एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी ने छिंदवाड़ा में बिजली कटौती की स्थिति सुधारने के लिए शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का काम देख रहे कार्यपालन यंत्री सुभाष नागेश्वर को एक महीने की फोर्स लीव पर भेज दिया है। जबलपुर संभाग के मुख्य अभियंता प्रकाश दुबे ने आदेश जारी कर नागेश्वर के स्थान पर दूसरे अधिकारी को पदस्थ कर दिया है। इस बीच निर्वाचन अनिवार्य का हवाला देकर छिंदवाड़ा जिला निर्वाचन अधिकारी ने कार्यपालन यंत्री सुभाष नागेश्वर को रिलीव करने से इंकार कर दिया है। 

प्रदेश की मध्य, पूर्व एवं पश्चिम बिजली कंपनियों ने कटौती में लापरवाही बरतने पर अधिकारी एवं कर्मचारियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। इस बीच बिजली कंपनी के अफसरों के बीच आपसी विवाद की स्थिति भी सामने आ रही है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं से ताल्लुक रखने वाले अधिकारी पूर्व सत्तारूढ़ दल से ताल्लुक रखने वाले अधिकारियों की शिकायत सरकार तक पहुंचा रहे हैं। इससे बिजली कंपनी में अंतर्कलह की स्थिति बन गई है। बताया गया कि जबलपुर में पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी के मुख्य अभियंता प्रकाश दुबे कुछ महीने पहले ही पदस्थ हुए थे। इन्होंने लापरवाही का हवाला देकर कई अधिकारी एवं कर्मचारियों को नोटिस जारी किए है। छिंदवाड़ा कार्यपालन यंत्री सुभाष नागेश्वर को फोर्स लीव पर भेने जाने का मामला भी अफसरों के आपसी विवाद से जुड़ा है। 

एमडी ने लिखा था फील्ड में पोस्टिंग न करें

जबलपुर के मुख्य अभियंता प्रकाश दुबे की कार्यप्रणाली विवादों में रही है। कंपनी सूत्र बताते हैं कि तत्कालीन एमडी पंकज अग्रवाल ने दुबे की सीआर में उल्लेख किया था कि इन्हें भविष्य में फील्ड पोस्टिंग से दूर रखा जाए। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद बड़े नेता की सिफारिश पर दुबे को जबलपुर में बिजली कंपनी का मुख्य अभियंता पदस्थ किया था। इसके बाद से उन्होंने अधिकारी एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू किया। जिसको लेकर वे फिर विवादों में हैं।