जबलपुर में निजी अस्पताल उड़ा रहे शासन के आदेश की धज्जियां, सी.टी. स्कैन पर कर रहे मनमानी वसूली

जबलपुर में निजी अस्पताल अपनी मनमानी और लूट (loot) करने से बाज नहीं आ रहे हैं। शासन के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए निजी अस्पताल में अभी भी मरीजों से 5000 रु से ज्यादा वसूला जा रहा है

जबलपुर, संदीप कुमार। जबलपुर (jabalpur) में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण (corona infection) को देखते हुए सीटी स्कैन (ct scan) करवाना अनिवार्य हो गया है। लिहाजा निजी अस्पताल (private hospitals) मरीजों से ज्यादा रुपए वसूल रहे है। इसके लिए सरकार ने एक गाइडलाइन (guideline) भी जारी कर दी है और इस गाइडलाइन के तहत सी.टी स्कैन का जो चार्ज है वह 3000 रु कर दिया गया है। बावजूद इसके जबलपुर में निजी अस्पताल अपनी मनमानी और लूट (loot) करने से बाज नहीं आ रहे हैं। शासन के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए निजी अस्पताल में अभी भी मरीजों से 5000 रु से ज्यादा वसूला जा रहा है

सिटी हॉस्पिटल ले रहा है सीटी स्कैन के 5175 रु
जबलपुर का बड़ा अस्पताल सिटी हॉस्पिटल शासन के आदेश की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आ रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जबलपुर कलेक्टर के सख्त निर्देश के बावजूद भी सिटी हॉस्पिटल में सीटी स्कैन के लिए 5175 रु लिए जा रहे हैं। ताज्जुब की बात तो यह है कि अस्पताल प्रबंधन को भी इस विषय की जानकारी है बावजूद इसके अस्पताल में धड़ल्ले से मनमाफिक रु सीटी स्कैन के लिए जा रहे है।

जबलपुर शहर का सबसे बड़ा अस्पताल सिटी हॉस्पिटल के प्रबधंक एस.एस मोखा से जब सीटी स्कैन करवाने को लेकर अधिक राशि लेने की बात की तो उनका कहना था शासन का आदेश आते ही 3000 रु लिया जा रहा है पर जब उनको हकीकत बताई तो वो चुप हो गए। बहरहाल उंन्होने ये कहा कि अगर अधिक रु लिए जा रहे है तो मना किया जाएगा।

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7 तारीख को शासन का आदेश,9 तारीख को भी वसूली गयी अधिक राशि
मध्य प्रदेश सरकार ने सिटी स्कैन जांच की और कोरोनावायरस की फीस निर्धारित कर दी है राज्य सरकार ने सीटी स्कैन के 3000 रु एवं कोरोनावायरस जांच के 700 रु निर्धारित किए हैं बावजूद इसके अभी भी शहर के बड़े बड़े अस्पतालों में मनमानी राशि वसूली जा रही है।

जबलपुर, निजी अस्पताल

इधर इस पूरे मामले से जब जबलपुर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को अवगत करवाया तो उनका कहना है कि इसकी जांच करवाई जाएगी साथ ही जबलपुर वासियों से कलेक्टर ने अपील की है जिन्हें भी निजी अस्पताल संबधित शिकायत है वह मूख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को अपनी लिखित में शिकायत दे सकते हैं और इस शिकायत पर कार्यवाही भी की जाएगी।