मध्यप्रदेश उपचुनाव से पहले रामकिशोर कावरे के भाई ने बढ़ाई भाजपा की मुश्किलें

याचिका में राजकुमार के 2003 से लेकर 2013 के लगभग 17 अपराधिक प्रकरण की जानकारी भी दी गई है। इन दलीलों के साथ यह अनुरोध किया गया है कि राजकुमार कावरे की पैरोल निरस्त की जाए> मामले पर अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को नियत की गई है।

जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में होने वाले उपचुनाव (By-election) के ठीक पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) के सिपहसालार(एक मंत्री) के भाई ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंत्री के भाई पर आरोप हैं पौरोल पर छूटने के बाद वह लगातार आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है इतना ही नही इलाके में दहशत भी फैलाई जा रही है।इस पूरे मामले को लेकर जबलुपर हाईकोर्ट (Jabalpur HighCourt) में एक याचिका दायर की गई है।इस याचिका की सुनवाई के लिए एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव (Chief Justice Sanjay Yadav) की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई कर 2 सप्ताह का समय नियत किया है।

गौरतलब है कि हाई कोर्ट में यह याचिका बालाघाट के पूर्व सांसद कंकर मुंजारे की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि आयुष राज्यमंत्री व परसवाड़ा विधायक रामकिशोर कावरे (Minister of State for AYUSH and Paraswara MLA Ramkishore Kavre) के भाई राजकुमार कावरे (Rajkumar Kavre) को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई है।याचिका में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2003 से अदालत ने उसे 7 साल की सजा काटने के बाद पैरोल पर रिहा कर दिया।पैरोल इस शर्त पर दी गई थी कि आवेदक किसी अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त नहीं होगा।

हाई कोर्ट से सजा के खिलाफ दायर अपील भी खारिज हो चुकी है। इसके बाद से राजकुमार लगातार अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया जा रहा है।याचिका में बताया गया है कि पैरोल पर छूटा राजकुमार कावरे खुद बालाघाट में ही अवैध रेत के कारोबार पर कब्जा कर रखा है। याचिका में राजकुमार के 2003 से लेकर 2013 के लगभग 17 अपराधिक प्रकरण की जानकारी भी दी गई है। इन दलीलों के साथ यह अनुरोध किया गया है कि राजकुमार कावरे की पैरोल निरस्त की जाए> मामले पर अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को नियत की गई है।