जबलपुर के पाटन में होती है रावण की पूजा, पंचमी से स्थापित होती है रावण की मूर्ति

जबलपुर, संदीप कुमार। भगवान राम के करोड़ों भक्त हैं, पर कई जगह रावण को भी पूजने वाले लोग हैं। आप बोलेंगे कहाँ पर तो हम बताते है कि मध्यप्रदेश के जबलपुर में कुछ लोग ऐसे है जो कि भगवान राम के साथ साथ रावण की भी पूजा करते है और वो भी बीते 20 सालों से। जबलपुर के पाटन में मुन्ना नामदेव अपने साथियों के साथ 20 सालों से रावण की पूजा कर रहे है। मुन्ना नामदेव अपने साथियों के साथ पंचमी से रावण की स्थापना करते है और फिर दशहरा के दिन विधि विधान से विसर्जन करते है।

रामलीला में बनते थे रावण 
बीते 1975 से लगातार रावण की स्थापना करने वाले मुन्ना नामदेव बताते है कि वह रामलीला में रावण की भूमिका अदा करते थे,इस दौरान रावण के ज्ञान को सुनते सुनते उन्होंने ठान लिया कि अब वो भी रावण की पूजा करेंगे और तभी से लेकर आज तक मुन्ना रावण की पूजा कर रहे है। मुन्ना को पाटन अलावा जहाँ कही से भी बुलावा आता था तो वहाँ जाकर रामलीला में रावण का किरदार निभाते है। यही कारण है कि अब लोग मुन्ना को रावण और लंकेश के नाम से जानते है।

मुन्ना के साथ उनके कई साथी भी हैं रावण भक्त
बीते 1975 से रावण की प्रतिमा रखकर पूजा करने वाले मुन्ना के साथ आज उसके कई साथी है जो कि रावण की पूजा करते है। मुन्ना पंचमी से लेकर दशहरा तक रोजाना लंकेश की पूजा करते है और फिर दशहरा वाले दिन नर्मदा में उनका विसर्जन किया करते हैं।

कोरोना ने रावण की ऊँचाई भी की कम
मुन्ना नामदेव 1975 से हर साल रावण की प्रतिमा की स्थापना करते आ रहे हैं पर इस साल कोरोना के चलते शासन की गाउडलाइन का मुन्ना ने पालन करते हुए कम ऊंचाई की मूर्ति की स्थापना की। इनकी रावण की प्रतिमा को देखने दूर दूर से सैकड़ों लोग आ रहे है।

जय लंकेश के गूंजते है जयकारे
दशहरा पर्व में हर जगह जय श्री राम के नाम से जयकारे लगते है पर पाटन में भगवान राम के साथ साथ जय लंकेश के जयकारे भी गूंजते है,ये जयकारे रावण के भक्त मुन्ना और कई लोग लगाते है।कभी चंद लोग रावण की पूजा में शामिल होते थे पर अब धीरे धीरे रावण के भक्तों की संख्या बढ़ रही है।