रेत कारोबारी का लोकायुक्त को शपथ पत्र देने से इंकार, तत्कालीन SDOP का बनाया था नोट गिनते हुए वीडियो

लोकायुक्त ने अब झूठा शपथ पत्र देने वाले अज्ञात के खिलाफ ओमती थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया है,हस्ताक्षर के नमूने व बयान दर्ज करने के लिए ओमती पुलिस ने अमित अग्रवाल को तलब किया है|

जबलपुर, संदीप कुमार| तत्कालीन पाटन एसडीओपी एसएन पाठक का नोट गिनते हुए वीडियो वायरल (Video Viral) करने वाला रेत कारोबारी अमित अग्रवाल ने लोकायुक्त (Lokayukt) को शपथ पत्र देने से इन्कार कर दिया है, इतना ही नहीं रेत कारोबारी ने यह दावा भी किया है कि उसके नाम व हस्तक्षर से शपथ पत्र फर्जी बनाकर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजा गया है|

लोकायुक्त ने झूठा शपथ पत्र देने वाले अज्ञात के खिलाफ दर्ज करवाया मामला
भ्रष्टाचार व आय से अधिक सम्पत्ति मामले की एफआइआर दर्ज कर एस.एन पाठक की जांच में जुटी लोकायुक्त ने अब झूठा शपथ पत्र देने वाले अज्ञात के खिलाफ ओमती थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया है,हस्ताक्षर के नमूने व बयान दर्ज करने के लिए ओमती पुलिस ने अमित अग्रवाल को तलब किया है|

जाँच के लिए हस्ताक्षर भेजे एक्सपर्ट के पास
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने हस्ताक्षर के नमूने जांच के लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भोपाल भेजने के निर्देश दिए हैं,साथ ही अब कहा जा रहा है जाचं के बाद पूरी कहानी सामने आएगी|

हो चुकी है छापामारी
पाटन में एसडीओपी रहे एसएन पाठक के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस आय से अधिक संपत्ति व भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज कर चुकी है। लोकायुक्त कोर्ट ने पाठक को जेल भेज दिया था तथा वर्तमान में जमानत पर हैं। पाठक की चल अचल संपत्ति का पता लगाने के लिए लोकायुक्त ने जबलपुर, भोपाल व बनारस स्थित उनके कई ठिकानों पर कार्रवाई की थी। उक्त कार्रवाई रेत कारोबारी अमित अग्रवाल के नाम पर की गई शिकायत तथा अन्य विभागीय व कानूनी कार्रवाई के आधार पर की गई थी|

अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी
सागर कॉलोनी धनवंतरि नगर निवासी अमित अग्रवाल के इन्कार के बाद एफआइआर दर्ज कर ओमती पुलिस स्टाम्प विक्रेता की भी तलाश कर रही है,ताकि पता लगाया जा सके कि जिस स्टाम्प पर अग्रवाल के नाम शपथ पत्र बनाया गया था वह किसके नाम व परिचय पत्र के आधार पर जारी किया गया था,पुलिस का कहना है कि शहर में स्टाम्प का अवैध कारोबार सामने आ चुका है|

यह है पूरा मामला
राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी डीएसपी एसएन पाठक वर्ष 2020 में पाटन संभाग में एसडीओपी रहे, उसी समय उनका एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ जिससे सनसनी फैल गई थी। वीडियो में वे नोट गिनते नजर आ रहे थे,आरोप लगाए गए कि अमित अग्रवाल के साथ रेत के अवैध कारोबार में लिप्त होकर उन्होंने लाखों रुपये कमाए,नोट की गड्डियां गिनते हुए अमित अग्रवाल ने ही अपने नाबालिग बेटे से वीडियो बनवाकर वायरल कर दिया था। पुलिस मामले में कार्यवाही कर रही है|