घोटाला : नगर निगम का बड़ा फर्जीवाड़ा आया सामने, कांग्रेस नेता ने की संभागायुक्त से शिकायत

जबलपुर।संदीप कुमार

जबलपुर में कचरे से बिजली बनाने के नाम पर एक नामी निजी कंपनी को फायदा पहुंचाते हुए बड़ा भ्रष्टाचार किया गया। दस्तावेज बताते हैं कि जबलपुर नगर निगम ने बिना सदन और राज्य सरकार की अनुमति लिए, एस्सल इंफ्रा कंपनी को अपनी बेशकीमती ज़मीन लीज़ पर सौंप दी थी और अब एस्सल कंपनी, निगम के स्वामित्व की 16 एकड़ जमीन सहित साढ़े ग्यारह मेगावॉट क्षमता का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट दुबई की अवार्डा कंपनी को बेच रही है।कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने दस्तावेजों के साथ इस फर्जीवाड़े की शिकायत जबलपुर संभागायुक्त महेश चंद्र चौधरी से की है।

जबलपुर नगर निगम घोटालों के लिए हमेशा से बदनाम रहा है लेकिन निगम के जिम्मेदार, कचरे के नाम पर भी फर्जीवाड़ा करने से बाज नहीं आए।शहर में कचरे से बिजली बनाने के नाम पर एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने और पूरी योजना में भ्रष्टाचार का बेहद गंभीर मामला उजागर हुआ है।विधायक के मुताबिक साल 2014 में जबलपुर नगर निगम ने कचरे से बिजली बनाने के लिए एस्सल इंफ्रा कंपनी को शहर के कठौंदा में 16 एकड़ जमीन लीज़ पर सौंप दी थी जिसके लिए सदन और राज्य सरकार दोनों से अनुमति नहीं ली गई। मुफ्त जमीन पाकर एस्सल कंपनी ने यहां कचरे से बिजली बनाने का साढ़े ग्यारह मेगावॉट क्षमता का पावर प्लांट स्थापित किया लेकिन इसकी आड़ में एक नहीं कई भ्रष्टाचार किए गए।

कंपनी ने जबलपुर नगर निगम से शहर से डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन का भी ठेका ले लिया था लेकिन अनुबंध की शर्तों के 50 फीसदी भी उपकरण और कर्मचारी इस काम में नहीं लगाए। एग्रीमेंट के मुताबिक कंपनी को डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन में अपने वाहन लगाने थे लेकिन नगर निगम ने खुद करोडों की गाड़ियां खरीद कर कंपनी को किराए पर दे दीं और कंपनी को बाजार से सस्ती दर पर डीज़ल उपलब्ध करवाया। पूरे शहर की बजाय एक चौथाई शहर में ही डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन होने के बाद भी नगर निगम ने एस्सल कंपनी पर कोई कार्यवाई नहीं की बल्कि करोना संकटकाल में भी 20 से 25 करोड़ रुपयों के उपकरण खरीदकर कंपनी के काम में लगा दिए।दस्तावेज बताते हैं कि एस्सल कंपनी को वेस्ट कलेक्शन में लगे अपने 1316 कर्मचारियों का पीएफ काटकर उसकी रसीद पर ही निगम से भुगतान लेना था लेकिन एस्सल कंपनी किसी दूसरी कंपनी के नाम की पीएफ रसीद जमा करके करोडों का भुगतान लेती रही।

इस पूरे गड़बड़झाले के बाद अब कंपनी जबलपुर नगर निगम के स्वामित्व की 16 एकड़ जमीन सहित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट दुबई की अवार्डा कंपनी को बेच रही है। ऐसे में जबलपुर उत्तर से कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने इस बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है और पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत जबलपुर के संभागायुक्त से करते हुए कार्यवाई की मांग की है। इधर जबलपुर के संभागायुक्त महेश चंद्र चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर माना है संभागायुक्त ने मामले की जांच के बाद कार्यवाई की बात की है।