एक साथ दो आत्महत्याओं से फैली सनसनी, खेत में पिता, 100 मीटर दूर फांसी पर झूलता मिला बेटे का शव

बकरी चराने वाले ने देखा फांसी पर लटके है पिता पुत्र, घरेलू विवाद हो सकता है आत्महत्या का कारण, जाँच में पुलिस को नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

जबलपुर, संदीप कुमार| मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में पिता और पुत्र द्वारा एक साथ फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) से सनसनी फेल गई| मामला मझगवां थाना अंतर्गत फनवानी गांव की HAE| जहां शनिवार को पिता और पुत्र ने पेड़ पर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। घटना की खबर लगते ही मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ लग गई| वही पुलिस भी मौके पर पहुंची हालांकि पिता पुत्र ने किन कारणों से फांसी लगाई इसका खुलासा नहीं हो सका है।

घरेलू विवाद बताया जा रहा है आत्महत्या का कारण
प्रारंभिक जांच में पुलिस घरेलू विवाद की बात कह रही है | फिलहाल मर्ग कायम कर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जानकारी के मुताबिक ग्राम फनवानी निवासी चतुर्भुज पटेल (53) और उनके बेटे सरमन पटेल (28) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चतुर्भुज पटेल ने जहां खुद के खेत में फांसी लगा ली वही उनके पुत्र सरमन का शव करीब 100 मीटर की दूरी पर श्मशान घाट के पास फंदे पर लटका था।

बकरी चराने वाले ने देखा फांसी पर लटके है पिता पुत्र
घर से करीब ढाई सौ मीटर की दूरी पर बकरी चराने वाले एक युवक ने सरमन का शव पेड़ पर लटके देखा। उसने तुरंत घटना की सूचना ग्राम कोटवार को दी यह खबर आग की तरह फैलते ही भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। वहीं से कुछ ही दूरी पर पिता चतुर्भुज का शव उसके स्वयं के खेत पर लटका हुआ था।

सूचना मिलते ही मझगवां पुलिस पहुँची मौके पर
घटना की सूचना लगते ही मझगवां थाने पुलिस मौके पर पहुंची, मामला संदेहास्पद लगने पर एस एफ एल की टीम को भी सूचना देकर घटनास्थल बुलवाया और आवश्यक नमूने लिए गए।

जाँच में पुलिस को नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
जांच के दौरान पुलिस और एफएसएल की टीम को मृतक चतुर्भुज और उसके पुत्र सरवन के पास से कोई भी ऐसा सुसाइड नोट नहीं मिला जिससे इस बात का पता चल सके कि आखिर पिता पुत्र ने फांसी क्यों लगाई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

घरेलू विवाद हो सकता है आत्महत्या का कारण
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि घरेलू विवाद के चलते पिता और पुत्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।सूत्रों की माने तो चतुर्भुज ने कुछ जमीन सिकमी पर ली थी। जिसमें उसके बेटे सरमन ने धान की फसल लगाई थी। फसल की कटाई के बाद धान को दोनों ने मिलकर बेच दिया था। धान को बेचने के बाद करीब 50000 रूपए मिले थे। चर्चा यह भी कि धान से मिले पैसों को चतुर्भुज जुए में हार गया जिसको लेकर पिता और पुत्र में किसी बात को लेकर विवाद हो गया।