सवालों के घेरे में पुलिस कस्टडी में ‘गोलीकांड’, पूर्व मंत्री ने की न्यायिक जांच की मांग

जबलपुर| संदीप कुमार| Jabalpur News पुलिस हिरासत (Police Custody) में इनामी बदमाश द्वारा खुद को गोली मारने की वारदात पर सवाल खड़े हो रहे हैं, परिजन तो लगातार पुलिस की भूमिका को कटघरे में खड़ा कर ही रहे हैं अब इस मामले में कांग्रेस ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली को जमकर आड़े हाथों लिया है, प्रदेश के पूर्व सामाजिक न्याय और निशक्तजन कल्याण मंत्री लखन घनघोरिया (Lakhan Ghanghoria) ने आरोपी को थाने या क्राइम ब्रांच की पुलिस के बजाए सायबर सेल की टीम द्वारा हिरासत में लिए जाने पर कड़ा एतराज जताया है।

इसके अलावा पुलिस हिरासत में और अधिकारियों के सामने ही आरोपी शुभम बागड़ी द्वारा खुद को गोली मारने की घटना पर पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने हैरानी जताई। उन्होंने कहा है कि पुलिस अगर किसी आरोपी को अपनी कस्टडी में लेती है तो सबसे पहले उसकी तलाशी ली जाती है बावजूद इसके इस मामले में पुलिस ने हद दर्जे की लापरवाही की है, जिसके चलते आरोपी ने पुलिस टीम के सामने ही खुद की कनपटी पर गोली मार ली।

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने पुलिस द्वारा कराई जा रही जांच को सिरे से खारिज करते हुए इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने मृतक शुभम बागरी के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस देकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। इस बीच पुलिस के सख्त पहरे में आरोपी शुभम बागड़ी का अंतिम संस्कार किया गया। गौरतलब है कि 3000 के इनामी आरोपी शुभम बागड़ी ने पुलिस हिरासत में मंगलवार की शाम को कनपटी पर गोली मार ली थी। उसके खिलाफ शहर के कई थानों में छेड़खानी पॉक्सो एक्ट सहित अन्य मामले दर्ज थे। सिविल लाइन थाने के बाहर पुलिस के सामने खुद को गोली मारने के बाद उसे गंभीर हालत में शहर के निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था जहां इलाज के दौरान आरोपी ने दम तोड़ दिया। इस पूरे मामले में जबलपुर के आईजी भगवत सिंह चौहान ने लापरवाही बरतने वाले पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल ही सस्पेंड कर दिया है।