माता-पिता से बिछड़ी बेटी को सोशल मीडिया ने मिलाया

जबलपुर| कहते है कि सोशल मीडिया के कुछ बुरे परिणाम होते है तो कुछ अच्छे भी। जी हाँ सोशल मीडिया ने आज एक अच्छे परिणाम को दिखाते हुए एक बेटी को उसके माता-पिता से करीब एक साल बाद मिलाया। 

दरअसल, घमापुर के पास नवंबर 2018 में एक युवती विछिप्त हालात में घूमती हुए स्थानीय लोगो के द्वारा देखी गई थी। युवती को 3-4 दिन घूमते देख आसपास के लोगो ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद घमापुर थाना पुलिस के माध्यम से उसे महिला सुधार गृह भेजा गया। युवती बोलचाल में बंगाली भाषा का प्रयोग करती थी। लिहाजा युवती के परिजनों की तलाश के लिए परिवार परामर्श केंद्र और जबलपुर पुलिस ने पश्चिम बंगाल-झारखड के थानों में युवती के लिए उसकी फ़ोटो भेजकर पतासाजी की। चूँकि कलकत्ता में तमाम वेंडर-डिलेवरी बॉय-हॉकर और ngo संचालक पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े रहते है ।युवती की फ़ोटो जब पुलिस ने कुछ ग्रुपो में वायरल की। वायरल हुई युवती की फ़ोटो को ngo संचालक सुदीप राय ने फेसबुक में अपलोड किया। फ़ोटो अपलोड करते हुए उनके पास एक कमेंट्स आया कि यह युवती कलकत्ता के 18 नम्बर वार्ड में रहती है। सुदीप राय तुरंत युवती के माता पिता के पास पहुँचे ओर उनकी बेटी के विषय मे बताया कि वो इस समय जबलपुर में है। आज ngo संचालक युवती के परिजनों को लेकर जबलपुर पहुँचे जहाँ एसपी अमित सिंह के सामने परिवार परामर्श केंद्र ने युवती को उनके परिजनों को सौप दिया।बताया कि रहा है कि एक साल पहले युवती ट्रेन में बैठकर जबलपुर आ गई थी।चूँकि युवती की मानसिक हालात ठीक नही थी इस कारण वह यहाँ-वहाँ घूम रही थी लिहाजा युवती को पुलिस महिला सुधार में रख कर उसके परिजनों को तलाश करने सोशल मीडिया का जो सहारा लिया वह कारगर भी साबित हुआ।इधर जबलपुर एसपी अमित सिंह भी मान रहे है कि सोशल मीडिया आज के दौर का सबसे बड़ा माध्यम है प्रचार प्रसार का और जिस तरह से फेसबुक और व्हाट्सअप के साथ साथ जबलपुर पुलिस और परिवार परामर्श केंद्र ने युवती के माता-पिता को तलाश कर उससे मिलाया है वो काबीले तारीफ है।

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