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जबलपुर,संदीप कुमार। आगामी दिनों में होने वाले नगर निगम व नगर पालिका चुनाव (Election) में आयोग द्वारा पंजीकृत छोटे गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को एक समान चुनाव चिन्ह आवंटित न किये जाने को याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट (High Court) में चुनौती दी गई है। दायर मामले में राहत देने की मांग करते हुए कहा कि उक्त गैर मान्यता प्राप्त राजनीति दलों के प्रत्याशियों में अध्यक्ष व पार्षदों के चुनाव चिन्ह (Election Symbol) एक समान हो, ताकि उन्हे परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके बाद ही चुनाव संपन्न कराये जाए। उक्त याचिका मप्र जन विकास पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मोतीलाल अहिरवार की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई है। जिसमें इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना की जा रही है।

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निकाय चुनाव को लेकर जल्द होगा फैसला
दायर याचिका में कहा गया कि 2 से 3 चरणों में होने वाले चुनाव में मतदान के दौरान प्रत्यशियों को एक समान चुनाव चिन्ह हो। बताया जा रहा हैं कि भारत निर्वाचन आयोग दिल्ली द्वारा पंजीकृत छोटे राजनीतिक दल, जिनका वोट (Vote) प्रतिशत कम होने पर गैर राजनीतिक दल कहलाते है। चुनावों में उक्त दल के प्रत्याशियों को एक समान चुनाव चिन्ह देने का भारत निर्वाचन आयोग ने नियम बनाये है। लेकिन, मप्र सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग नगर पालिका व नगर निगम चुनाव के लिए बनाये गये नियमों में इन राजनीतिक दलों और सभी प्रत्याशियों को एक समान चुनाव चिन्ह देने का कोई नियम नहीं बनाया है। इतना ही नहीं अध्यक्ष व पार्षदों के लिए अलग-अलग चुनाव चिन्ह निर्धारित कर दिए गए है। इससे एक वार्ड में एक ही पार्टी के अध्यक्ष व पार्षद के प्रत्याशी को दो चुनाव चिन्ह आवंटित होते है। इससे उक्त दल को प्रचार-प्रसार में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

याचिका में राहत की मांग करते हुए कहा गया हैं कि राज्य सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देशित किया जाये कि वे पहले इन पंजीकृत राजनीतिक दलो के चुनाव चिन्हों को आरक्षित और आवंटन नियमों में प्रावधान करें और उसके बाद ही चुनाव संपन्न कराए।