आयकर विभाग की ‘विवाद से विश्वास’ योजना का अच्छा रूझान, मुख्य आयकर आयुक्त ने बताए आंकड़े

जबलपुर, संदीप कुमार। आयकर विभाग की “विवाद से विश्वास” योजना का रूझान अच्छा आ रहा है। आलम ये है कि इस योजना के शुरुआती दौर में ही 50 साल पुराने विवादित मामले सुलझे हैं। ये कहना है मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त आर.के पालीवाल का।

जबलपुर दौरे के दौरान उन्होंने बताया कि विवाद से विश्वास की योजना काफी कारगर साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग इन दिनों कर चोरी से जुड़े पुराने मामलों का निपटारा करने के लिए विवाद से विश्वास योजना चला रहा है, देश भर में हजारों मामलों को इस योजना की मदद से आसानी से निपटाया गया है। कर चोरी के लंबित और अपील में लगे मामलों को ना सिर्फ समाधान किया गया है, बल्कि करदाताओं को भी से राहत दी गई है।

सिर्फ जबलपुर में ही 50 साल से कर चोरी के मामलों को “विवाद से विश्वास” योजना के तहत निपटाया गया
केंद्र सरकार की जनता के लिए बनी महत्वकांक्षी योजना “विवाद से विश्वास” पूरे देश में सफल हो रही है बात करें, मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में विवाद से विश्वास योजना के तहत 30% विवादित मामले सुलझा दिए गए हैं। वहीं अगर जबलपुर की बात करें तो यहां पर 50 साल से कर चोरी के पुराने मामलों को विवाद से विश्वास योजना के तहत आसानी से हल कर दिया गया।,इस योजना के तहत जबलपुर ने एक ऐसा उदाहरण पेश किया है जो कि दूसरे शहरों के लिए मिसाल बन गया है।

कोरोना में टैक्स पर पड़ा था प्रभाव, लेकिन अब धीरे-धीरे हो रहा है सब ठीक
मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त राकेश कुमार पालीवाल ने कहा कि निश्चित रूप से कोरोना काल में टैक्स कलेक्शन को लेकर काफी परेशानी आई थी पर अब धीरे धीरे सब कुछ ठीक हो रहा है। कोरोना काल के समय पहले के 3 माह में जरूर टैक्स कब आया था पर हाल ही में दिसंबर क्वार्टर माह में टैक्स उसी गति से जमा किया गया है जो कि बीते साल 2019 में था।

बेनामी संपत्ति बीपीएल कार्डधारियों के नाम
मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि बेनामी संपत्तियों को लेकर मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में एक विशेष अभियान चलाया गया है और इस अभियान के तहत कई बड़े खुलासे भी हुए हैं। बात करें अगर सिर्फ दिसंबर माह की तो 1 माह में ही मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में बेनामी संपत्ति के 80 मामले उजागर हुए हैं। वह इसमें चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि 20 बेनामी संपत्तियां ऐसी मिली है जो कि बीपीएल कार्डधारियों के नाम थी। उन्होंने कहा कि अभी आयकर विभाग बेनामी संपत्तियों को लेकर लगातार कार्यवाही करने में जुटा हुआ है।

बहरहाल जबलपुर दौरे के दौरान प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त राकेश कुमार पालीवाल ने साफ कर दिया है कि केंद्र द्वारा ऐसी योजनाएं भविष्य में और भी चलाई जाएंगी जिसकी मदद से कर चोरी करने वालों को पकड़ने और उन पर कार्रवाई करने की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो।