जबलपुर, संदीप कुमार। संस्कराधानी जबलपुर नर्मदा किनारे बसा हुआ है, माँ नर्मदा की असीम कृपा इस शहर में होने के बाद भी जबलपुर के बहुत से इलाके ऐसा है जो कि नर्मदा माँ के रहते भी पानी की एक एक बूंद के लिए तरसता रहते हैं। ये तस्वीर है जबलपुर के सिद्ध बाबा वार्ड की जहाँ पानी के लिए यहाँ के रहवासी रोजाना जद्दोजहद करते हैं।

बूंद-बूंद पानी के लिए रोजाना जल्दी होती है यहाँ के रहवासियों की सुबह
सिद्ध बाबा वार्ड में पानी की ये विकराल समस्या बीते कई सालों से बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों से भी पानी की समस्या को लेकर गुहार लगाई पर नतीजा कुछ नही निकाला। लिहाजा सालों से चली आ रही पानी की परेशानी आज भी जस की तस है। यहाँ रहने वाले बाशिन्दे रोजाना सुबह 5 बजे उठाकर डिब्बो और लोटो के माध्यम से दो वक्त के पानी का इंतजाम करने में जुट जाते हैं।

ये है जबलपुर शहर की पानी को लेकर वास्तविकता
सिद्ध बाबा वार्ड के जिस स्थान पर पानी की समस्या है वहाँ पर करीब तीन सौ परिवार रहते हैं। यहाँ जब ठंड में ये हालात है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि गर्मी में कितनी विकराल समस्या यहाँ के लोग पानी को लेकर झेलते है। रोजाना यहाँ रहने वाले लोग डिब्बों को लाइन में लगाकर पहले तो पानी आने का इंतजार करते हैं और जब पानी आता है तो कुछ इस तरह से पानी को भरते है।

पानी की टंकी है स्वीकृत, पर नही बानी अभी तक
स्थानीय निवासी दीपक नाहर बताते है कि सिद्धबाबा वार्ड के ज्यादातर इलाके में पानी की समस्या इसी तरह की बनी हुई है। नगर निगम ने पानी की टंकी भी यहाँ पर स्वीकृत की है पर न जाने वो फाइल नगर निगम में कहा दब कर रह गई है। स्थानीय लोगो की मानें तो दो डिब्बे पानी भरने के लिए घण्टों तक बैठ कर लोटों से पानी भरा जाता है। कई मर्तबा तो ऐसा भी होता है कि जब तक पानी भरने का नंबर आता है तब तक नल बंन्द हो जाता है।

निगम कमिश्नर ने दिया जल्द व्यवस्था का आश्वाशन
जो तस्वीर हम आपको दिखा रहे है वो पानी की जद्दोजहद की तस्वीर नगर निगम कमिश्नर अनूप सिंह ने भी देखी, लिहाजा उन्होंने तुरंत ही जल विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौके पर जाकर वहाँ की स्थिति देखे और पानी की इस विकराल समस्या को दूर करें।

मौके पर पहुँचे जल विभाग के अधिकारी
नगर निगम कमिश्नर के निर्देश पर सिद्धबाबा वार्ड जल विभाग के कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ पहुँचे और इस व्यवस्था में जुट गए कि आखिर कैसे पानी की परेशानी को दूर किया जा सके। साथ ही अब ये भी देखा जा रहा है कि जब सिद्धबाबा वार्ड में पानी की टँकी स्वीकृत हो गई थी तो वो फाइल कहा जाकर अटक गई।

ये स्थिति सिर्फ सिद्धबाबा वार्ड की नही है
भले ही जबलपुर शहर नर्मदा किनारे बसा हुआ है उसके बाद भी शहर के अभी भी कई इलाके ऐसे हैं जहां पर पानी कि इस तरह से विकराल समस्या आती रहती है, कहा जा सकता है कि अगर प्रशासन और नगर निगम ने इस और जल्द से जल्द ध्यान नहीं दिया तो हो सकता लोग पानी के लिए सड़कों पर उतरना शुरू कर दे।