JABALPUR- एल्गिन अस्पताल में देर रात मचा हड़कंप, नवजात यूनिट में रुकी आक्सीजन की सप्लाई

सोमवार की देर रात नवजात शिशुओं के उपचार की SNCU में आक्सीजन आपूर्ति का दबाव घटने की जानकारी सामने आई, तुरंत चिकित्सकों ने बिना देर किए सुधार कार्य कराया, जिसके बाद आक्सीजन आपूर्ति दुरुस्त हो पाई। घटना के दौरान एसएनसीयू में 30 नवजात शिशु भर्ती थे।जिनमें कुछ आक्सीजन और कुछ वेंटीलेटर पर थे

जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट। जबलपुर में बच्चों के शासकीय एल्गिन अस्पताल में उस वक़्त अफरा तफरी मैच गई जब अचानक सोमवार की देर रात नवजात शिशुओं के उपचार की गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में आक्सीजन आपूर्ति का दबाव घटने की जानकारी सामने आई, जैसे ही नर्सिंग स्टाफ ने यह खबर अस्पताल प्रबंधन को दी तुरंत चिकित्सकों ने बिना देर किए सुधार कार्य कराया, जिसके बाद आक्सीजन आपूर्ति दुरुस्त हो पाई। जैसे ही आक्सीजन सप्लाई सामान्य हुई सभी ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान एसएनसीयू में 30 नवजात शिशु भर्ती थे।

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हालांकि घटना के बाद भी हड़कंप की स्थिति बनी रही, सुबह इस घटना की जांच के आदेश दिए गए, प्रबंधन ने इस घटना के पीछे वजह क्या है, इसका पता लगाने जांच के आदेश दिए है, घटना के बाद आक्सीजन आपूर्ति चैंबर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आक्सीजन चैंबर में ताला लगा था इसलिए फिलहाल किसी साजिश की आशंका सामने नहीं आई है। मंगलवार देर शाम जिला कार्यक्रम अधिकारी विजय पांडे भी एसएनसीयू पहुंचे और घटना के संबंध में जानकारी ली। चिकित्सकों का कहना है कि यदि वाल्व को दुरुस्त न किया जाता तो एसएनसीयू में भर्ती नवजात शिशुओं की जान खतरे में पड़ सकती थी। लंबे समय तक आक्सीजन की कमी बच्चों के लिए गंभीर जोखिम का कारण बन सकती थी।

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घटना के बारे में बताया जा रहा है कि एल्गिन अस्पताल में आक्सीजन सप्लाई के लिए कई चैंबर बनाए गए हैं। एक चैंबर से एसएनसीयू में आक्सीजन भेजी जाती है। घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी  रात करीब तीन बजे की है, एसएनसीयू में मौजूद ड्यूटी नर्सिंग स्टाफ ने देखा कि अचानक SNCU में भर्ती नवजात बैचेन हो रहे है, SNCU में कुछ नवजात आक्सी और कुछ वेंटीलेटर पर थे। करीब जाकर देखने पर नर्सिंग स्टाफ को कुछ गड़बड़ी महसूस हुई, उन्होंने फौरन भांप लिया की आक्सीजन की सप्लाइ में दिक्कत मासूमों के लिए जानलेवा बन रही है, इस बात की जानकारी तुरंत चिकित्सकों को दी गई,  जिसके बाद उन्होंने टेक्नीशियन को सूचना दी। टेक्नीशियन चैंबर तब पहुंचा जहां वाल्व से आक्सीजन का रिसाव हो रहा था। उसने वाल्व को दुरुस्त कर दिया, जिसके बाद एसएनसीयू में आक्सीजन आपूर्ति का प्रेशर सामान्य हुआ।