पहले दिया इस्तीफा फिर कुछ ही घंटों में लौट आए कांग्रेस नेता

संदीप कुमार/जबलपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी से इस्तीफा देते ही कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष सत्येंद्र यादव ने भी बागी स्वर अपनाते हुए सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल जी देसाई को दे दिया था। जिसके बाद सेवादल की समस्त इकाइयों के पदाधिकारियों मे हलचल मच गई। ट्विटर पर सत्येन्द्र यादव ने लालजी देसाई को टैग करते हुए अपने इस्तीफे की बात लिखी। सत्येंद्र यादव के इस्तीफा देने के चलते लालजी टंडन ने संज्ञान लेते हुए पार्टी और संविधान का हवाला देकर उन्हें मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। लालजी एक के बाद एक ट्वीट करते रहे जिसके परिणाम स्वरूप सत्येन्द्र यादव ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। देर रात तक कुछ लोगों को मेल से सूचित किया जा चुका है कि उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक जबलपुर जिले में सैकड़ो की संख्या में सिंधिया समर्थक मौजूद हैं। अरविंद पाठक भी सिंधिया के समर्थक माने जाते है। मंगलवार को जैसे ही सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा देने की घोषणा की वैसे ही सत्येंद्र यादव ने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष को ट्वीट कर अपना इस्तीफा सौप दिया। उनके इस्तीफा देते ही सत्येंद्र यादव को मनाने का सिलसिला शुरू हो गया और आखिर में वो मान भी गए ओर फिर उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया।

सोशल मीडिया पर निकल रही है भड़ास
कांग्रेस सरकार में मचे घमासान के बीच सोशल मीडिया पर कांग्रेस के वरिष्ठ व समर्पित कार्यकर्ता व पदाधिकारी अपनी भड़ास निकालने से नहीं चूक रहे थे। शहर के वरिष्ठ कार्यकर्ता अनुराग जैन गढ़वाल ने अपनी फेसबुक बॉल पर लिखा- ‘सिंधिया जी का कांग्रेस छोडऩा सिर्फ लालच नही इस के अंदर बहुत कुछ उपेक्षा का दंश हैं’ इसके अलावा ‘शोभा ओझा जैसे बड़बोले लोगो ने कांग्रेस को इस स्थिति में पहुँचाया’ भी लिखा है। उन्होंने जिम्मेदारी के साथ समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का दर्द बयां किया है।

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