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 जबलपुर| कहा जाता है कि किसी भी देश के विकास और तरक्की में उसके युवाओं की महत्वपूर्ण योगदान होता है| यही वजह है कि युवाओं को आगे बढाने और उन्हें रोजगार देने के लिए सरकारे कई योजनाए चलाती है| ताकि युवा देश और प्रदेश की तरक्की में भागीदार बन सकें और इसी मकसद से मध्य प्रदेश की कमलनाथ ��रकार ने युवाओ का हुनर निखार उनको पैरो पर खड़ा करने के लिए युवा स्वाभिमान योजना शुरू की थी, ताकि  युवा अपने कौशल को चमकाकर अपना अलग मुकाम बना कर मध्य प्रदेश के विकास को गति दें| इस युवा स्वाभिमान योजना के तहत कमलनाथ सरकार अपने वादे के मुताबिक़ ऐसे बेरोजगार नौजवानो को ट्रेनिंग के साथ साथ 4 हजार रूपये प्रतिमाह स्टायपंड देने का काम कर रही है…जो रोजगार की तलाश कर रहे थे…लेकिन कमलनाथ सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को उसके ही विभाग पलीता लगाने में लगें है| 

अकेले जबलपुर में शहरी युवा बेरोजगारों को युवा स्वाभिमान अभियान के तहत नगर निगम द्वारा 100 दिन की ट्रेनिंग तो दी गई और उसके बाद 8 घंटे तक रोजाना भी काम लिया जा रहा है…लेकिन बीते 4 माह से स्टायपंड के तौर पर मिलने वाले 4 हजार रुपये नहीं दिए जा रहे है| जिससे नाराज़ युवाओं ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया…विरोध जता रहे युवाओ का कहना था कि अटेंडेंस होने के बाद भी उसे शार्ट बताया जा रहा है इतना ही नही वेतन के लिए ac नंबर भी दिया पर किसी की सैलरी किसी को ट्रांसफर की जा रही है।शिकायत के बाद भी संबंधित विभाग आवेदन पर आवेदन मांग रहा है।जबलपुर में युवा स्वाभिमान योजना के तहत सैकड़ो युवक युवतियों को रोजगार दिया गया पर वेतन के लिए उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है।बहरहाल युवा स्वाभिमान योजना विभाग के अधिकारियों ने इस पूरी गलतीं को भोपाल स्तर की बताया है जिसे ठीक करने की बात कही जा रही है।