शौक नहीं, रोजी-रोटी की मजबूरी: धुंआधार में रोज जान जोखिम में डालता है ‘गुरु’

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जबलपुर | विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मध्य प्रदेश का धुआंधार जहां रोजाना सैकड़ों पर्यटक आते हैं।और इन्हीं पर्यटकों की दम पर यह भेड़ाघाट कई सालों से चल भी रहा है भेड़ाघाट की रौनक यहाँ आने वाले पर्यटक है और स्थानीय व्यापारीयो व्यापार भी इनकी दम पर चल रहा है। भेड़ाघाट की सुंदर वादियों में एक युवक ऐसा भी है जो कि रोजाना अपनी जान हथेली पर रखकर परिवार का पालन पोषण कर रहा है।यह युवक रोजाना चंद रुपयों के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर सैकड़ों फीट गहरे  धुआंधार में कूद जाता है। 

नर्मदा की ये उछाल भरी लहरें…. नर्मदा की यह गहराई जहां पर की अगर कोई गिर जाए तो फिर उसका बच पाना मुश्किल ही है।यही वजह है कि नर्मदा के पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में पुलिस सुरक्षा के मद्देनजर 24 घंटे तैनात भी रहती है। पुलिस की इसी तैनाती से बचकर एक युवक जिसका नाम है गुरु वह रोजाना पर्यटकों का मनोरंजन करने के लिए धुआंधार में मौत की छलांग लगाता है।पर्यटकों से चंद रुपए लेकर गुरु नाम का युवक रोजाना ही मौत का खेल खेलता है।

हमारी टीम भी गुरु के विषय में जानकर जब उसके पास पहुंची तो देखा कि गुरु लोगों के कहने पर सैकड़ों फीट गहरी नर्मदा में छलांग लगा देता है। इस छलांग के एवज में पर्यटक उसे कुछ रुपए दे देते हैं। गुरु का कहना है कि वह पिछले 10 सालों से रोजाना इस तरह की छलांग लगाता है और इसी से जो थोड़ी बहुत पैसे उसे मिल जाते हैं वह उससे अपने परिवार का पालन पोषण करता है। एक तरफ प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ सालों से एक युवक बेरोजगारी के अभाव में अपनी जान रोजाना जोखिम में डालता है और इससे मिले पैसों के दम पर अपने परिवार को पालन पोषण करता है। हालांकि भेड़ाघाट में पुलिस भी तैनात रहती है पर जैसे ही पुलिस की नजरें गुरु से हटती है वैसे ही यह युवक चंद रुपयों के लिए धुआंधार से छलांग लगा देता है। स्थानीय पुलिस कर्मचारियों की माने तो उसे कई बार इसे मना किया गया है पर हमसे नजरे बचाकर वह नर्मदा में छलांग लगा देता है।पुलिस का कहना है कि कई बार गुरु की ही दम पर धुआंधार में कूदने वाले लोगों को बचाया भी गया है।