शिवराज के आरोपों पर कमलनाथ का पलटवार, कहा- राष्ट्रहित के मुद्दों पर बात करना क्या देशद्रोह है?

भोपाल। भारत और चीन के बीच जारी विवाद को लेकर राजनीतिक पार्टियां आमने-सामने हैं। मंगलवार को मप्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मंगलवार को राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत की सेना के हौसले पर सवाल खड़ा करने वाले नेता के बारे में क्या कहा जाए। सेना के हौसले पर सवाल उठाने वाले राहुल जैसे नेता पर शर्म आती है। ऐसे लोग नेता कहलाने के लायक नहीं है। राहुल गांधी हमारी सेना को हतोत्साहित कर रहे हैं। वह सेना का अपमान कर रहे हैं। सेना का अपमान देश बर्दाश्त नहीं करेगा। सीएम शिवराज के बयान पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने पलटवार किया है।

कमलनाथ ने बयान जारी कर सीएम शिवराज पर हमला बोला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर सरकार गिराने वाले व उनकी कृपा पर मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान, चीनी सैनिकों की घुसपैठ व हमारे 20 वीर सपूतों की शहादत पर तो कम से कम सच बोलने का साहस दिखाएं और अपने केंद्रीय नेतृत्व की असफलता को स्वीकार करने की हिम्मत तो दिखाएं।

कमलनाथ ने कहा कि पूरा देश जानता है कि कांग्रेस पिछले कुछ माह से लगातार हमारी सीमा पर चीनी घुसपैठ को लेकर केंद्र सरकार को आगाह कर रही थी, लेकिन केंद्र सरकार लापरवाह बनी रही और निरंतर गुमराह करने व भ्रमित करने वाले बयान आते रहे। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कमलनाथ ने सवाल उठाए। उन्होंनें कहा कि 15-16 जून को सरहद पर लद्दाख में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से संघर्ष में हमारे 20 वीर सैनिकों की शहादत हुई, घुसपैठ की पुष्टि हुई, उसके बाद भी हमारे प्रधानमंत्री सर्वदलीय बैठक में कह रहे हैं कि हमारी सरजमीं में कोई चीनी घुसपैठ नहीं हुई। जबकि रक्षा मंत्री से लेकर विदेश मंत्री का बयान कुछ और है।

कमलनाथ ने राहुल गांधी के सवाल उठाए जाने पर कहा कि विपक्ष की भूमिका निभाते हुए देश के प्रधानमंत्री से इस मामले में देश को सच्चाई बताने का आग्रह कर रहे तो यह उनका कर्तव्य है। हमारे देश के वीर सैनिकों की शहादत पर चुप बैठना क्या देशभक्ति है? राष्ट्रहित के मुद्दों पर बात करना क्या देशद्रोह है? क्या हमारे वीर सैनिकों का बलिदान यूं ही व्यर्थ जाने दे? देश की सुरक्षा पर गंभीर खतरा हो तो क्या कांग्रेस चुप बैठे? आज कांग्रेस सहित देश का हर नागरिक भारतीय सेना के साथ खड़ा हैं लेकिन केन्द्र सरकार को देश को सच्चाई तो बताना होगी।

कमलनाथ ने कटाक्ष करते हुए कहा कि शिवराज जी कह रहे हैं कि राहुल गांधी को चीन से जवाब मांगना चाहिए, मोदी से मांग रहे हैं तो शिवराज जी को यह पता होना चाहिए देश की जवाबदारी किसकी है? शर्म तो शिवराज जी को मोदी जी के उस बयान पर आनी चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा कि हमारी सरज़मीं पर कोई घुसपैठ नहीं हुई है।