ग्लोबल हंगर इंडेक्स पर बोले कमलनाथ, भाजपा सरकार के 15 वर्ष में प्रदेश कुपोषण में शीर्ष पर रहा

ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2020 की रिपोर्ट जारी कर दी गई है। दुनियाभर के 107 देशों के लिए जारी की गई इस रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग 94वें पायदान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक 27.2 के स्कोर के साथ भारत भूख के मामले में ‘गंभीर’ स्थिति में है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2020 (Global Hunger Index 2020) की रिपोर्ट जारी कर दी गई है। दुनियाभर के 107 देशों के लिए जारी की गई इस रिपोर्ट में भारत (India) की रैंकिंग 94वें पायदान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक 27.2 के स्कोर के साथ भारत भूख के मामले में ‘गंभीर’ स्थिति में है। इस रिपोर्ट में भारत, नेपाल (Nepal), पाकिस्तान (Pakistan), बांग्लादेश (Bangladesh), इंडोनेशिया (Indonesia) जैसे देशों से भी पीछे चल रहा है। इंडेक्स जारी होने के बाद सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। हंगर इंडेक्स को लेकर कांग्रेस नेता सरकार पर जमकर निशाना साध रहे है। वहीं अब मप्र के पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने भी केन्द्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।

हंगर इंडेक्स को लेकर कमलनाथ (Kamal Nath) ने एक ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में कमलनाथ ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि वल्र्ड हंगर इंडेक्स – 2020 की रिपोर्ट में 107 देशों में भारत 94 वें स्थान पर आया है और भारत की 14 प्रतिशत आबादी कुपोषित है। जबकि बंगलादेश, पाकिस्तान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका की स्थिति हमसे बेहतर है। वहीं प्रदेश में कुपोषण की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि रिपोर्ट के मुताबिक़ मध्यप्रदेश की स्थिति बेहद खराब? भाजपा सरकार के 15 वर्ष में प्रदेश कुपोषण में देश में शीर्ष पर रहा। ऐसा प्रदेश बनाया भाजपा ने?

गौरतलब है कि भारत हंगर इंडेक्स में नेपाल और पाकिस्तान से भी नीचे है। रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल (73), पाकिस्तान(88), बांग्लादेश(75), इंडोनेशिया(70) पायदान पर है। हालांकि भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है, लेकिन कुल देशों की संख्या भी घटी है। पिछली बार 117 देशों में भारत की रैंकिंग 102 थी।

क्या है ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट
दुनिया भर में 2030 तक जीरो हंगर का लक्ष्य हासिल करने के उद्देश्य से हर साल ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट जारी की जाती है। इसमें जिन देशों का कम स्कोर रहता है उनको ऊंची रैंकिंग मिलती हैं, और इसके विपरीत जिनका स्कोर ज्यादा होता है, जैसे कि भारत का उनको खराब रैंकिंग मिलती है। ये संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास के लक्ष्यों में से एक है। हंगर को इस आधार पर मापा जाता है कि कोई व्यक्ति कितने कैलोरी ग्रहण करता है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स चार पैमानों पर देशों को परखता है। ये चार पैमाने- कुपोषण, शिशु मृत्यु दर, चाइल्ड वेस्टिंग और बच्चों की वृद्धि में रोक हैं।

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