BJP विधायक और एसपी की सक्रियता से मुक्त हुए एमपी के युवक, आंध्र में थे बंधक

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कटनी। वंदनी तिवारी। 

बेरोजगारों को रोजगार दिए जाने का लालच देकर उनके साथ ठगी तो कहीं बंधक बनाकर बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम कराए जाने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। एक ऐसा ही गंभीर मामला प्रदेश के कटनी जिले से सामने आया हैं। इस मामले में कटनी के कुछ युवाओं को अच्छी सैलरी और सुविधाओं का लालच देकर आंध्रप्रदेश ले जाकर वहां एक निजी कंपनी में बंधक बनाकर उनसे मारपीट की कर काम करवाया जा रहा था। जब इस मामले की जानकारी स्थानीय विधायक संजय पाठक और एसपी गोरव तिवारी को मिली उन्होंंने आंध्रप्रदेश के चितुर जिले के लिए पुलिस टीम रवाना की गई। और कंपनी में पुलिस पहुंचकर सभी 26 पीड़ित युवाओं को वापस कटनी लाया गया। अभी इस मामले में आगे जांच कराई जा रहे है। 

ऐसे सामने आया मामला

यह पूरा मामला सामने तब आया जब कटनी पुलिस अधीक्षक के पास एक शिकायत आई कि उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले ठेकेदार अब्दुल वाजिद नाम का युवक ग़ैरतलाई के बेरोजगार युवकों को ये कहा कर आंध्रप्रदेश ले जाया गया है कि 400 रुपए दिन का वेतन और खाना फ्री मिलेगा और रहने के लिए कमरा भी दिया जाएगा। लेकिन वहां पर ऐसा कुछ भी नहीं था। पीड़ित युवकों ने बताया कि पहले दिन थोड़ा सा काम लिया। फिर दूसरे दिन से ही हम सभी से 27 ट्रक माल लोड कराया जाने लगा। जब इस काम का विरोध किया गया तो कंपनी के मैनेजर के द्वारा इन युवकों के साथ मारपीट भी की गई। ये युवक कंपनी में क़रीब 20 दिनों तक मजबूरी में काम करते रहे। फिर इस पूरी घटना को अपने घर वालों को बताया गया। जिसके बाद कटनी पुलिस से शिकायत की गई।

विधायक व एसपी से मिली मदद

ठगी शिकार लोगों के परिजनों ने पूर्व मंत्री व विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक से संपर्क किया और पूरी घटना विस्तार से बताई। परिजनों से पूरी जानकारी लेने के बाद विधायक संजय पाठक ने मामले से पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार से मामले में कार्रवाई और कंपनी में बंधक मजदूरों को मुक्त कराने का आग्रह किया। जिसके पश्चात पुलिस विभाग के सहायक उपनिरीक्षक एच.जी.झारिया व आरक्षक समसेर सिंह वहां से भागकर आए युवा बेरोजगारों को साथ लेकर आंध्रप्रदेश पहुंचे और फिर वहां की पुलिस को साथ लेकर जंगलों के बीच में स्थित कंपनी में धावा बोला। पुलिस ने कंपनी प्रबंधन से बात कर सभी मजदूरों का हिसाब कराया और फिर कंपनी के ही एक वाहन से सभी को स्टेशन भिजवाया। जिसके बाद सभी युवा बेरोजगार व मजदूर मुक्त होकर कटनी पहुंचे। बंधक बनकर ठगी का शिकार हुए लोगो को छुड़ाने में क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक, पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा की अहम भूमिका रही। 

ये हुए मुक्त

विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक की पहल पर पुलिस ने आंध्रप्रदेश में बंधक जिन युवा बेरोजगारों व मजदूरों को मुक्त कराया है। उसमें व��जयराघवगढ़ तहसील के ग्राम जरारोड़ा कारीतलाई निवासी अर्जुन यादव, शुखेंद्र नापित, अशोक यादव, रामदिया सिंह, उमेश सिंह रतिराम कोल, अनंत सेन, बबलू सेन, मुलई केवट, चंद्रभान नापित, शुभम सेन, मुन्ना केवट, मिथलेश रजक, प्रलाद केवट, संजय यादव, राम कुशल यादव, उमाशंकर सेन, अंकित सेन, देवराज यादव, अजय यादव, राजा दहिया, किशोर यादव एवं सोनू यादव शामिल हैं। उमरियापान थाना अंतर्गत ग्राम भनपुरा की पांच महिलाओं को भी पुलिस ने कंपनी से मुक्त कराया है।