बीजेपी को झटका, गणेश राव ने छोड़ा पार्टी का साथ, लगाया उपेक्षा करने का आरोप, कांग्रेस में हो सकते हैं शामिल

Shashank Baranwal
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Katni News: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान हो गया है। चुनाव के मद्देनजर नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में आज रविवार को नवरात्रि के प्रथम दिन पर कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा के कद्दावर नेता गणेश राव कैमोर ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। गणेश राव के इस्तीफा देने के बाद सियासी गलियारे में चर्चा तेज हो गई है और कयास लगाया जा रहा है कि वो कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ सकते हैं। फिलहाल उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वो आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगें या नहीं।

बीजेपी पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का लगाया आरोप

गणेश राव कैमोर ने पार्टी से इस्तीफे के एलान के बाद बीजेपी पर आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी में रहकर आम जनता का काम नहीं करवा पा रहे थे। साथ ही कहा कि बीजेपी की विचारधारा और नीति की वजह से पार्टी में शामिल हुआ था। गौरतलब है कि गणेश राव कैमोर दो बार नगर परिषद के अध्यक्ष रह चुके हैं। पहली बार साल 2004 से 2009 तक निर्दलीय रहे। जबकि दूसरी बार 2009 से 2014 तक बीजेपी से नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रहे। गणेश राव की छवि श्रमिक नेता के रुप में रही है। वो आज भी सीमेंट एवं माइंस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हैं।

बीजेपी में लगातार फूट रहा है असंतोष का स्वर

आपको बता दें बीजेपी की तरफ से जारी उम्मीदवारों की लिस्ट के बाद से बीजेपी से नेताओ के बगावती तेवर लगातार जारी है। बीजेपी में असंतोष का स्वर लगातार फूंटता जा रहा है। सबसे पहले कटनी जिले की मुड़वारा विधानसभा में महापौर प्रत्याशी रही ज्योति विनय दीक्षित ने पार्टी से इस्तीफा दिया था। उसके बाद पूर्व नगर अध्यक्ष संतोष शुक्ला ने भी पार्टी से बगावत किया था।


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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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