कटनी में पुलिस-दबंगों ने गांव वालों को पीटा, बच्चियों और महिलाओं पर किया जुल्म, लोगों ने जंगल में ली शरण, जानें

मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत सरपंच की मतगणना के बाद हुए पथराव के बाद पुलिस ने ग्राम पंचायत मोहतरा के लोगों के साथ बड़ी ही निर्दयता के साथ मारपीट की।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के कटनी (Katni) से पुलिस द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की खबर सामने आई है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की उपाध्यक्ष सुश्री संगीता शर्मा के मुताबिक सत्ता-प्रशासन और दबंगों ने कटनी जिले के तहसील बाहोरीबंद, ग्राम मोहतरा थाना बहोरीबंद उपथाना बाकल जिला कटनी के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 94 में बीते 8 जुलाई को सरपंच पद के लिए चुनाव को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी को हुई।

मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत सरपंच की मतगणना के बाद हुए पथराव के बाद पुलिस ने ग्राम पंचायत मोहतरा के लोगों के साथ बड़ी ही निर्दयता के साथ मारपीट की। उसके बाद कहासुनी इस हद्द तक बढ़ गई की दबंगों के साथ पुलिस-प्रशासन ने गांव के सीधे-साधी महिलाओं, पुरूषों पर लठियाँ बरसाने से भी संकोच नहीं किया। यहां तक कि एक तीन साल की बच्ची को भी नहीं छोड़ा   गया और वह करीब तीन घंटे तक बेहोश अवस्था में रही।

इतना ही नहीं दबंग-पुलिस ने गांव के कई घरों में घुसकर तोड़फोड़ भी की। किसी की टीवी, एनसीडी, फ्रिज, गृहस्थी के अन्य सामान, तो किसी की मोटर साईकिल को नुकसान पहुंचाया गया और करीब लाखों रूपयों का नुकसान किया गया है। पुलिस और दबंगों की इस तरह की बेरहमी से परेशान होकर भारी बारिश में भी गाँव वालों को अपने घरो को छोड़कर जंगल में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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सुश्री शर्मा ने जानकारी दी की पुलिसकर्मियों और दबंगों द्वारा गांव के सरपंच चुनाव में तुलसीराम पटेल, जो सात वोट से जीते थे उनको हारा हुआ बता कर बीजेपी समर्थित विजय शुक्ला की जीत दिखाई गई। जब विजयी प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने पुर्नमतगणना की मांग की तो दबंगों ने 50 के लगभग पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर ग्रामीणों के साथ मारपीट की। जिसमें ग्रामीणों कीमोटर साईकिलों, घर में लगी एलसीडी, टीवी, टेक्टर, पंखे, कूलर, घरों के सामान आदि को क्षति पहुंचायी गई और गांव की महिलाओं और पुरुषों को भी पीटा गया।

इस घटना से लगभग 300 परिवार प्रभावित प्रभावित हुए हैं, जो पूरी तरह भयभीत हैं। इस घटना को अंजाम देने के लिए आये पुलिसकर्मियों के साथ आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों छोटी बच्चियों को भी नहीं छोड़ा गया। यहां मुख्य रूप से लोधी एवं पटेल समाज के लोग निवास करते हैं, जो ओबीसी और अजा वर्ग से आते हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक निशिथ पटेल को घटना की जानकारी लगते ही वे घटना स्थल पहुंचे और ग्रामीणों से उनकी आपबीती सुनी।

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सुश्री संगीता शर्मा ने बताया कि पुलिस और दंबंगों की मिलीभगत से ग्रामीणों पर की गई बर्बरता की जानकारी मिलने पर बहोरीबंद के कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ. निशिथ पटेन मोहतरा पहुंचे और ग्रामीण से मिलकर घटना की जानकारी ली। और उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उन्हें न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश करेगी। घटना से जुड़े पीड़ितों के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए हैं, जो कांग्रेस पार्टी को भी मिलें।

भाजपा विधायक प्रणय पांडे बहोरीबंद विधानसभा से आते हैं वहीं लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वी.डी. शर्मा सांसद हैं, फिर भी भाजपा मौन है। भाजपा राजनीति का अपराधिकरण कर प्रदेश में अराजकता फैलाने का काम कर रही है। सुश्री संगीता शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि इस मामले की जांच उच्च स्तरीय एजेंसी द्वारा अथवा रिटायर जज द्वारा होना चाहिए।

तीन साल की बच्ची से लेकर 70 साल तक की महिलाओं पर जुल्म किया गया है, राइट टू लाईफ गारंटी के तहत इसका शीघ्र शासकीय मेडिकल कॉलेज की महिला चिकित्सकों द्वारा जांच होनी चाहिए। वहीं थाने के प्रकरण को अन्य थाने में स्थानांतरित किया जाए। पिछड़ा वर्ग के मानव अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। बाखल पुलिस चौकी के पूरे स्टाफ को निलंबित किया जाये।