Katni News : डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति तोड़ने से रोष, प्रदर्शनकारियों ने रखी चार सूत्रीय मांग

Amit Sengar
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Katni News : मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक बड़ी खबर आ रही है जहाँ बाबा भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़ने का मामला एक बार फिर गरमा गया है, जिसको लेकर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने हंगामा करते हुए मामले की पुनः जांच करने, आरोपी पति पत्नी को रिहा करने सहित 4 सूत्रीय मांग रखी है मामले को सुलझाने के लिए पुलिस विभाग समेत प्रशासनिक अधिकारी अपने दल-बल के साथ मौके पर मौजूद रहा।

यह है पूरा मामला

दरअसल, लमतरा ब्रिज से लगी निजी भूमि पर एक दंपती ने बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति स्थापित की थी जिसके तोड़े जाने के आरोप में पुलिस द्वारा पति राजेश पटेल और उसकी पत्नी सुलेखा पटेल को हिरासत में लेकर कार्यवाही जारी रखी हुई है इसी दौरान बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने बाबा भीमराव अंबेडकर के लिए डेढ़ एकड़ की जमीन, आरोपी पति पत्नी को रिहा करने, मामले की जांच में एससीएसटी वर्ग के अधिकारी को शामिल करने सहित नंदन गौर की जमीन का पुनः सीमांकन कराने जैसी मांग रखी। प्रदर्शनकारी ने बताया कि बाबा साहब की मूर्ति तोड़ने का मामला समाने आया था जिसके बाद हम लोग यहां पहुंचे है। जिसने मूर्ति स्थापित की वो मूर्ति क्यों तोड़ेगा ऐसे कई सवालों को लेकर प्रशासन से चर्चा की है वही हमारी 4 मांग है जिसे प्रशासन के समक्ष रखी है।

इस पूरे मामले पर एसडीएम प्रिया चंद्रावत ने बताया कि मूर्ति चोरी कर खंडित करने का मामला समाने आया था जिसके बाद मौके पर पहुंचे है उन्होंने अपनी मांग रखी है जिसे उच्चाधिकारियों से बात करके पूरी की जाएगी। सीएसपी विजय प्रताप के मुताबिक मामला निजी भूमि से जुड़ा है जिस पर कई मामलों पर आरोपी रहे राजेश पटेल द्वारा कब्जा की नियत से काम किया था इसी बीच भूमि स्वामी नंदन गौर द्वारा बाबा साहब की मूर्ति चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई जिस पर पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी पति राजेश और पत्नी सुलेखा को हिरासत में लिया है। वही प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग रखी है जिसे पूरा किया जाएगा।
कटनी से अभिषेक दुबे की रिपोर्ट


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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