खंडवा| सुशील विधानी| मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश के बाद प्रदेशभर में इनके सफाए की तैयारी शुरू हो गई है। इसी ऑपरेशन क्लीन के तहत आज खंडवा  में प्रशासन, नगर निगम और पुलिस के अधिकारी मैदान में उतरे और अतिक्रमण माफियाओं के अवैध निर्माण पर बुल्डोजर चलवाया जा रहा है। मंगलवार के दिन इंदौर रोड पर अग्रवाल फर्नीचर प्रशासन ने जेसीबी चलाई थी वही आज बुधवार के दिन नक्षत्र गार्डन पर  पार को अवैध टीन सेट का निर्माण अभय जैन द्वारा किया गया था  कई बार नोटिस देने के बाद भी  अवैध कॉलोनी नाइजर द्वारा अवैध रूप से सरकारी जमीन पर अपना साम्राज्य खड़ा कर दिया था लगातार शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन द्वारा 2 जेसीबी की मशीने बुलवाई और पूरा अवैध निर्माण तोड़ा गया। पुलिस के कई थानों के करीब  100 पुलिसकर्मी इस कार्रवाई में शामिल हुए।

नक्षत्र गार्डन के नाम पर  कॉलोनी निर्माता अभय जैन द्वारा अतिक्रमण करके रखा गया था चारों ओर से सरकारी जमीन पर टीन सेट  की बाउंड्री वाल बना ली गई थी कई बार नोटिस पहुंचाने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हट पाया लेकिन कमलनाथ की सरकार ने शहर मैं जहां भी अब अतिक्रमण होगा उसे हटाया जाएगा इसी को लेकर नगर निगम प्रशासन के अधिकारी जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस बल के साथ सुबह 10:00 बजे से ही नक्षत्र गार्डन  पर किए गए अवैध अतिक्रमण  को जमीदोज करने की कार्रवाई की गई। नक्षत्र गार्डन के मालिक द्वारा कई बार कार्रवाई रोकने की कोशिश की गई लेकिन खंडवा एसडीएम और निगम के अफसरों द्वारा साफ शब्दों में कह दिया कि अतिक्रमण तो हटे गा कितना समय देंगे वर्षों से आपने इस पर अतिक्रमण करके रखा है सरकारी जमीन पर नक्षत्र गार्डन बना डाला  बार-बार नोटिस जारी किए गए उसके बाद भी उन्होंने अतिक्रमण नहीं हटाया  जिसके बाद  बुधवार को पुलिस और नगर पालिका के अमले ने यहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। खंडवा

प्रशासन उन लोगों पर कार्रवाई कर रहा है जिन पर सरकारी भूमि पर कब्जा करने के पहले भी नोटिस जारी हो चुके हैं, लेकिन रसूख के चलते वो बचते रहे। इस मामले में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक कमेटी माफिया दमन दल बनाई गई है इसी के तहत निगम के अफसर पुलिस अफसर एसडीएम खंडवा नक्षत्र गार्डन  पर इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जो अब हर दिन जमीन पर कब्जा जमाकर बैठे माफियाओं पर कार्रवाई करेगी।

इस दौरान शेड निर्माण को हटाया गया. अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन व पुलिस चुस्त-दुरुस्त दिखी. प्रशासनिक तैयारी के सामने अतिक्रमणकारियों की नहीं चली.

हालांकि देर से ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई से काफी राहत मिलेगा|