ओंकारेश्वर में होगी एशिया के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापना

खंडवा, सुशील विधानी। ओंकारेश्वर बिजली उत्पादन में देश ही नहीं, एशिया का सबसे बड़ा जिला घोषित होने जा रहा है। इंदिरा सागर ओंकारेश्वर परियोजना सिंगाजी ताप परियोजना के बाद अब प्रदेश के पहले फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापना तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में होने जा रही है। गर्व का विषय है कि खंडवा का नाम बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक रिकॉर्ड कायम करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों और सांसद नंदकुमार सिंह चौहान की सक्रियता के चलते हाइड्रो और थर्मल पावर के बाद अब सोलर पैनल में भी खंडवा बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। 2 वर्ष में यह प्लांट शुरू होकर 600 मेगावाट बिजली प्रदान करने लगेगा। जिले में सिंचाई योजना के बाद एक और सौगात प्राप्त हो रही है। इस कार्य के लिए लगभग 300 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त होकर शीघ्र टेंडर प्रक्रिया होगी और कार्य शुरू होकर 2 वर्ष में बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा।

सोमवार को नवीन नवकरनीय ऊर्जा एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री हरदीप सिंह डंग तीर्थ नगरी ओकारेश्वर पहुंचे और भोले बाबा के दर्शन कर सोलर प्लांट स्थल का निरीक्षण किया। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शीघ्र शासकीय प्रक्रिया पूर्ण की जाए ताकि भूमि पूजन कर कार्य का विधिवत शुभारंभ किया जा सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  ने कहा कि खण्डवा जिले में ताप विद्युत परियोजना व जल विद्युत परियोजना के साथ-साथ अब सौर ऊर्जा विद्युत परियोजना भी स्थापित होने जा रही है, जिससे खण्डवा जिला अब पॉवर हब बन जाएगा। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप डंग ने कलेक्टर अनय द्विवेदी से कहा कि सौलर पॉवर प्लांट की सभी गतिविधियां समय पर पूरी हो। वन विभाग व अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर सभी आवश्यक स्वीकृतियां समय पर मिल जाएं, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि इस पॉवर प्लांट की डीपीआर इस माह तैयार हो जाएगी तथा जुलाई माह के अंत तक टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी। उम्मीद है कि जुलाई 2023 तक ओंकारेश्वर में सौलर फ्लोटिंग पॉवर प्लांट परियोजना अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करना प्रारंभ कर देगी।

इस अवसर पर मौजूद सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूरदृष्टा हैं। उनकी दूरदर्शी सोच के परिणाम स्वरूप सौर ऊर्जा व पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ताप विद्युत परियोजनाओं से बहुत प्रदूषण होता है तथा कोयले के भण्डार एक सीमा के बाद खत्म हो जाएंगे। इसलिए अब नवीन व नवकरणीय विभाग का दायित्व बढ़ गया है, क्योंकि सौर ऊर्जा व पवन ऊर्जा से बिजली तैयार करने के लिए असीमित संसाधन उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि जिले के ग्राम छिरवेल में 200 मेगावॉट व ओंकारेश्वर के 600 मेगावॉट मिलाकर कुल 800 मेगावॉट क्षमता का सौलर विद्युत उत्पादन जिले में होने लगेगा, जो कि देश में किसी एक जिले में सर्वाधिक है।

विधायक देवेन्द्र वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि ताप विद्युत व जल विद्युत परियोजना के बाद सौर ऊर्जा विद्युत परियोजना स्थापित होने से खण्डवा जिले के विकास को नई गति मिलेगी। मांधाता विधायक नारायण पटेल ने इस अवसर पर कहा कि इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर सागर की स्थापना के लिए खण्डवा जिले के ग्रामीणों ने बहुत बड़ा त्याग किया है, जिले के लगभग 300 गांव विस्थापित किए गए है, जिससे हजारों ग्रामीणों को परेशानी उठाना पड़ी। इस त्याग के कारण ही आज खण्डवा जिले में देश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा व जल विद्युत संयंत्र स्थापित हो सका हैं। इस अवसर पर खंडवा संसदीय क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद नंदकुमार सिंह चौहान एवं मध्यप्रदेश ऊर्जा मंत्री हरदीपसिंह डंग, मान्धाता विधायक नारायण पटेल व खण्डवा विधायक देवेंद्र वर्मा ने प्रेस वार्ता को सम्बोधित कर स्वीकृत कार्ययोजना के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का तहेदिल से आभार माना।