आयुष मंत्री ने ली बैठक, अस्पताल परिसर में हर्बल गार्डन लगाने के निर्देश

खंडवा, सुशील विधानी। गुरूवार को प्रदेश के आयुष विभाग के राज्यमंत्री रामकिशोर कांवरे (AYUSH Minister Ramkishore kanwre) ने ओंकारेश्वर स्थित एनएचडीसी सभागृह में इंदौर एवं उज्जैन संभाग के सभी जिला आयुष अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला आयुष अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने निवास एवं अस्पताल परिसर में हर्बल गार्डन लगाएं और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। आयुष मंत्री ने ओंकारेश्वर में आयुष औषधालय प्रारंभ करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।

बैठक में मांधाता विधायक नारायण पटेल, आयुष विभाग के उप संचालक राजीव मिश्रा, इंदौर संभाग के संभागीय अधिकारी रमेश भायल व उज्जैन संभाग के संभागीय अधिकारी प्रदीप पटियार सहित आयुष विभाग के विभिन्न अधिकारी मौजूद थे। बैठक का शुभारंभ
भगवान धन्वतरी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया गया। आयुष मंत्री ने सभी जिला आयुष अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने अपने क्षेत्र में स्थापित किए गए हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स का लाभ क्षेत्र के ग्रामीणों को अधिक से अधिक दिलायें। उन्होंने बैठक में इंदौर व उज्जैन संभाग के विभिन्न जिलों में हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर की स्थापना
के संबंध में अब तक की गई प्रगति की संबंधित जिला अधिकारियों से एक-एक कर
विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि खंडवा जिले के 8 आयुर्वेद एवं होम्योपैथी औषधालयों को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है जिस हेतु ग्राम पंचायत के माध्यम से 4.50 लाख की राशि के अंतर्गत मरम्मत एवं निर्माण कार्य प्रगति पर है। आयुष मंत्री ने बैठक में कहा कि आयुष अधिकारी नागरिकों को आयुर्वेद पद्धति, होम्योपैथिक पद्धति, यूनानी पद्धति व योगा पद्धति के संबंध में जानकारी दें। उन्होंने आयुष अधिकारियों से कहा कि वे गांव में समय समय पर होने वाली ग्राम सभा की बैठकों में जायें और आयुष पद्धति से उपचार के संबंध में ग्रामीणों को बतायें। आयुष मंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि आयुष पद्धति के प्रचार प्रसार के लिए विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों में आयुष मेले आयोजित करें व आयुष विभाग के स्टॉल लगाकर
ग्रामीणों का उपचार करायें। भवनविहीन आयुष अस्पतालों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने आयुष अस्पतालों में आने वाले मरीजों से अच्छा व्यवहार करने की सीख भी आयुष अधिकारियों को दी। उन्होंने कहा कि आयुष अस्पतालों में जो भी समस्याएं व कमियां हो उनके बारे में संभागीय व प्रदेश स्तर के अधिकारियों को बतायें। आयुष अस्पतालों में शासन स्तर से हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेगी।

आयुष मंत्री ने बैठक में कहा कि आशा कार्यकर्ताओं और स्वसहायता समूहों की दीदीयों के माध्यम से भी आयुष पद्धति का व्यापक प्रचार प्रसार ग्रामीणों के बीच किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आयुष पद्धति भारत की अत्यंत प्राचीन उपचार पद्धति है, यह पद्धति पूर्णतः सुरक्षित है, इस पद्धति से उपचार में दवाईयों से किसी तरह के साइड इफैक्ट की संभावना बिल्कुल नही रहती है। राज्यमंत्री रामकिशोर कांवरे ने गुरूवार को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में जाकर दर्शन किए और पूजा अर्चना की। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक नारायण पटेल व अन्य जनप्रतिनिधि भी उनके साथ थे।

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