MP में खनिज माफियाओं के हौंसले बुलंद, PM या CM से करो शिकायत नही मिलता न्याय

खंडवा।सुशील विधानी।

जिला इन दिनों खनिज माफियाओ के चुंगल में फंस कर रह गया है। यहां तक कि  जिले में खनिज माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है की  अधिकारियों  की सांठगांठ के चलते  ना तो इन पर कार्रवाई होती है। चाहे  शिकायतकर्ता  मुख्यमंत्री को करें या प्रधानमंत्री को शिकायत  लेकिन  खनिज माफियाओं ने  पूरे खंडवा जिले में  बेरोकटोक  खनिज का खनन कर रहे हैं।

 ऐसा ही मामला खंडवा जिले  की खंडवा तहसील की ग्राम पंचायत रूधि की ग्राम वीरपुर कुण्डलस्वर की शासकीय भूमि खसरा नम्बर 56 एवं 104 वर्ष 2004 से वर्ष 2014 तक शासन के नियमनुसार नीलम गिट्टी खदान थी लेकिन आशुतोष पिता नगिनचंद बंसल के द्वारा खनिज विभाग के अधिकारी की  मिली भगत से उक्त खसरा की शासकीय भूमि वाली गिट्टी मुरुम खदान को मात्र 5000 रुपये के चालान पर उत्खनित पट्टा एवं गिट्टी क्रेसर मशीन के लिए स्वीकृत कर दी थी।

 गौरतलब है कि उक्त भूमि पर उत्खनित पट्टा एवं गिट्टी क्रेसर मशीन संचालन की स्वीकृति के पहले ग्राम वीरपुर कुण्डलस्वर ग्राम पंचायत नहालदा एवं ग्राम भंडारिया के सेकड़ो किसानों ने सपथ पत्र एवम ग्राम पंचायत रुधि में ग्राम पंचायत का प्रस्ताव ठहराव लेकर  अप्पती दर्ज कराई थी लेकिन जिला खनिज कार्यलय में बैठे तत्कालीन अधिकारी एवं राजस्व विभाग में तत्कलीन आला अधिकारी एवं कर्मचारियों की मिली भगत से शासन के नियम विरुद्ध की गई शिकायतों की  अप्पतियो को दर किनार करते हुए वे उक्त भूमि पर उत्खनित पट्टा लीज एवं गिट्टी क्रेसर मशीन संचालन करने की स्वीकृति दे दी जिससे कि उक्त खदान से आय दिन 300 से 400 दस पहिये वाहन बारह पहिये वाहन छः पहिये वाहन एवं टेक्टर ट्रॉलीयो से प्रतिदिन गिट्टी मुरुम एवं पत्थर से पिसी काली रेत अवैध तरीके से खंडवा एवं आस पास के ग्रामीणों में शासन के नियम विरुद्ध विक्रय किया जा रहा है इतना ही नही खनिज विभाग में बैठे अधिकारियों ने खनिज माफियो से  सांठगांठ कर इतनी अति कर दी कि माननीय एन जी टी न्यालय के आदेश एवं माननीय उच्चतम न्यालय जवालपुर के द्वारा पूर्व की स्वीकृति को निरस्त करने के आदेश देने के बाद भी ठेंगा दिखा कर ग्राम पंचायत देशगांव की शासकीय भूमि 1189 ,1190,एवं 1214 पर गिट्टी मुरुम उत्खनन करना एवं निजी भूमि 1191,1192,1193 की भूमि पर गिट्टी क्रेसर मशीन संचालन करने की स्वीकृति दे दी जब कि उक्त निजी भूमि क्रेशर मशीन संचालित होने वाली भूमि से वन विभाग की कूप क्रमांक u663  की भूमि से लगी  है।

लेकिन उक्त भूमि के पट्टा धारक एक रसूक दार दबंग व्यक्ति होने के कारण मध्यप्रदेश शासन के सभी उच्च विभागों में उच्च पकड़ होने से उनके खिलाफ की गई शिकायतों की जांच भी जांच अधिकारी सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों को भी गुमराह करके जांच प्रेसित कर रहे है प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भोजाखेड़ी की शासकीय भूमि 46 एवं 47  पर उत्खनित पट्टा लीज स्वीकृत करवाने में एवं ग्राम पंचायत रूधि की ग्राम वीरपुर कुण्डलस्वर वाली निजी एवं शासकीय  भूमि पर उत्खनित पट्टा लीज स्वीकृति एवं गिट्टी क्रेसर मशीन संचालन की स्वीकृति के लिए दोनों ग्राम पंचायतों के अधिकारों का हनन करके ग्राम पंचायतों से बगेर अनाप्प्ति प्रमाणपत्र एनओसी लिए  खनिज विभाग के अधिकारियों से  सांठगांठ कर शासन के नियम विरुद्ध लीज स्वीकृति करवा ली गई है।

 इस संबंध में सर्व आदिवासी विकास एवं सुधार समिति के द्वारा देश के मुखिया माननीय मोदी जी एवं देश की सर्वश्रेष्ठ जांच एजेंसी माननीय सिबीसी नई दिल्ली को उच्च स्तरीय जांच के लिए शिकायत की गई है  साथ कि मध्यप्रदेश के मुखिया माननीय कमलनाथ जी के द्वारा शासन के नियमनुसार हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई थी जिसकी शिकायत क्रमांक 9239160 है जिसकी जांच में अधिकारियो द्वारा गोलमोल तरीके से सही तथ्यो को छुपाते हुए एवं ग्राम पंचायत रुधि के सरपंच श्री सिद्धनाथ पटेल द्वारा की गई ।

शिकायत एवं जनपद पंचायत छैगांवमाखन की अध्यक्षा महोदय श्रीमति मंजुला चिंताराम जकताप के द्वारा की गई शिकायतों को नजर अंदाज करके जांच अधिकारी ने शिकायत कर्ताओ की शिकायत को ठेंगा दिखाते हुए खनिज माफिया एवं खनिज विभाग को बचाने का प्रयास करके जांच का दिखावा करके सी एम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत का निराकरण करना बता दिया गया लेकिन इस संबंध में शिकायतकर्ता सर्व आदिवासी विकास  सुधार समिति ने निर्णय लिया है कि जिला खनिज कार्यलय खंडवा के द्वारा नियम विरुद्ध कूट रचित दस्तावेजो पर एवं शिकायत कर्ताओ की शिकायतों को एवं सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत  प्राप्त दस्तावेजो सहित माननीय न्यालय की सरण में रख कर न्याय की गुहार लगाई जवेगी

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