अंधविश्वास के चलते मासूम की हत्या, खाद की बोरी ने पकड़वाया आरोपी

खंडवा, डेस्क रिपोर्ट। खंडवा के मूंदी नगर में 3 साल के मासूम अक्षांश की हत्या का राज खुल गया है। हत्यारा कोई और नही बल्कि पड़ोसी श्रीराम ही निकला। आरोपी को शक था कि उसके घर मे झगड़े का कारण अक्षांश है, जिस खाद की बोरी में मासूम का शव मिला था, उसी बोरी से आरोपी पकड़ा गया। मूंदी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी बेहोशी का नाटक करने लगा। वह थाने की सीढ़ियों पर से बार-बार गिरता जा रहा था। पुलिस ने उसे पकड़कर गाड़ी में बैठाया। 20 अक्टूबर को खंडवा के मूंदी नगर में अक्षांश (3) पिता श्याम कोठारे की हत्या कर दी गई थी। श्रीराम ने पुलिस को बताया कि अक्षांश के दादा सुमेरसिंह ने मेरे परिवार पर जादू-टोना कर दिया था। इस कारण मेरे परिवार में झगड़ा होने लगा था। घर में अशांति हो गई थी। पिछले डेढ़ महीने से सुमेरसिंह का वंश मिटाना चाहता था, इसलिए उसके परिवार में किसी एक सदस्य को मारने की फिराक में था। सबसे पहले बच्चे को मारा जो सबसे आसान टारगेट था।

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आरोपी ने पूछताछ में बताया कि 20 अक्टूबर दोपहर करीब दो बजे हम्माली कर वापस घर आया। पत्नी और बेटी बाहर गए थे। सुमेरसिंह का पोता अक्षांश पिता श्याम कोठारे घर के सामने जाते दिखा। उसे इशारा करके बुलाया। वह उसे गाय बांधने वाले बाड़े में ले गया। यहां पानी भरने के प्लास्टिक के पाइप से गला घोंट दिया। इसके बाद घर से खाद की बोरी व सुतली लाकर शव को सोयाबीन के चारे में छिपा दिया। मोहल्ले वालों की गतिविधि देखता रहा। इधर, अक्षांश को तलाशने का नाटक भी करता रहा। रात करीब 7 बजे अंधेरे में शव को पीछे के दरवाजे से गौरी महाराज के सूने मकान में फेंक दिया। वारदात के बाद पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ की। चूंकि बच्चे का शव खाद की बोरी में मिला था। पूछताछ में पता चला कि अक्षांश के घर के सामने रहने वाला श्रीराम पिता जयराम हम्माली करता है। वह खाद की खाली बोरियां घर ले आता था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी के घर की तलाशी ली गई। यहां उसी मार्क की खाद की अन्य बोरियां भी मिल गईं, इसके बाद पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।