जिला चिकित्सालय में हो रही अनियमितता को लेकर विधायक देवेंद्र वर्मा ने विधानसभा में लगाया प्रश्न

खंडवा। सुशील विधानि। 

मिलावट खोर पर प्रदेश में 696 प्रकरण दर्ज किए गए।  13681 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजें जिसमें एक 868 नमूने अमानक पाए गए। खंडवा के  गुड़ वाले मामला भी जात चल रही है यदि गुड अमानक पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।

खंडवा खंडवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक देवेन्द्र वर्मा विधानसभा में  प्रश्न लगाया कि जिला चिकित्सालय में किस प्रकार की अनियमितताएं हैं उसको लेकर  उन्होंने प्रश्न किया कि क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्राम कृपा करेंगे कि ( क ) खण्डवा जिला मुख्यालय के शासकीय चिकित्सालय वा जिला मुख्यालय के शासकीय चिकित्सालय में मेडिकल कालेज सहित कुल कितने चिकित्सक कार्यरत है ( ख ) क्या खण्डवा जिला चिकित्सालय का होने वाले मरीजों की संख्या के अनुपात में कार्य त कुशल चिकित्सक का सख्या के अनुपात में कार्यरत कुशल चिकित्सकों की संख्या पर्याप्त है । ( ग ) जनवरी 2018 से प्रश्न दिनांक तक कितने मरीजों को गंभीर बीमारी / आपरेशन क ‘ किया गया ? ( घ ) क्या यह सही है कि खण्डवा जिला चिकित्सालय का विस्तार होने एवं चिकित्सकों की उपलब्धता के बावजद  मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं सिविल सजन के कारण नागरिकों को अपेक्षित स्वास्थ उपचारासुविधाएं नहीं मिल पा रही है विगत दिनों श्रीमती क्षमा पति धर्मेन्द्र की बच्ची के उपचार में लापरवाही  बरती जिसके कारण गाजलस मरीज की स्थिति खराब होने पर उसे इंदौर रैफर किया गया किन्तु जिला चिकित्सालय  का लस सुविधा नहीं मिलने के कारण बालिका की रास्ते में मौत हई थी ? यदि हाँ , तो इसके लिये कौन जिम्मेदार है ( च ) यदि हाँ , तो क्या इन दोनों घटनाओं की उच्च स्तरीय जाँच की जाकर दौषियों को दण्डित किया जाएगा ? यदि हाँ , तो कब तक ? लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : ( क ) खण्डवा जिला मुख्यालय के शासकीय चिकित्सालय में 88 चिकित्सक कार्यरत है । ( ख ) जिला चिकित्सालय में पर्याप्त चिकित्सक कार्यरत है । ( ग ) 2340 मरीजों को इन्दौर रेफर किया गया । ( घ ) जी नहीं । ( ङ ) जी नहीं , उपचार में लापरवाही नहीं बरती गई । 108 एम्बुलेंस की अनुपलब्धता में जिला चिकित्सालय की शासकीय एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई गयी । चिकित्सा हेल्थ केयर संस्था का वेन्डर मेसर्स साईराम टेक्नों मालिक श्री अमित गर्ग एवं वाहन चालक अमित सुरवे जिम्मेदार पाये गये है । ( च ) जी हाँ । प्रकरण में विस्तृत जाँच कराई जा रही है । जाँच रिपोर्ट के अनुसार गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी । 

मध्यप्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ कार्यवाही 

विधायक देवेंद्र वर्मा खंडवा क्षेत्र में हो रही मिलावट खोरी पर भी प्रश्न उठाएं उन्होंने कहा कि  : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि ( क ) मध्यप्रदेश में नयी सरकार के गठन के पश्चात मिलावट खोरों के खिलाफ कितने प्रकरण दर्ज किये गये है ? कितने प्रकरणों में सेम्पल जाँच हेतु भेजे गये हैं ? ( ख ) जाँच हेतु भेजे गये सेम्पल में कितने प्रकरण  में अमानक खाद्य प्रदार्थ होने की पुष्टि की गई है ? प्रदेश में 18 दिसम्बर 2010 ऐसे कितने व्यापारियों के विरुद्ध रासुका लगाई गई है ? जिलेवार संख्यात्मक जानकारी बता ( ग ) खण्डवा जिले में अमानक खादय सामग्री के कितने प्रकरणों में रासुका लगाई गई उनके नाम बताएं ( घ ) क्या गत माह खण्डवा में अमानक गड कारखाने पर कार्यवाही की गई थी । जिसमें कई क्विटल अमानक गुड मरी हई छिपकली के साथ बरामद किया गया था । ( इ . ) यदि हाँ , तो उक्त प्रकरण की सैंपल जाँच में क्या पाया गया ? इस गंभीर प्रकरण में जाँच की कार्यवाही शिथिल क्यों है ? कब तक पूर्ण होगी ? ( च ) विभाग द्वारा मिलावटखोरों की कार्यवाही में भेदभाव किया जा रहा है ? यदि नहीं , तो ऐसे सभी अमानक खाद्य प्रदार्थ के निर्माता एवं मिलावटखोरों के विरुद्ध सेम्पल जाँच के प्रतिवेदन के आधार पर रासुका की कार्यवाही की जाएँगी ? यदि हाँ , तो कब तक ? लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री तुलसी सिलावट ने विधायक देवेंद्र वर्मा के प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि ( क ) मध्यप्रदेश में नई सरकार गठन के पश्चात जनवरी 2019 से मिलावट खोरों के खिलाफ 696 प्रकरण दर्ज किये गये है 13681 खादय नमूने जांच हेतु भेजे गये है । ( ख ) जांच हेतु भेजे गये 13681 नमूनों में से 1868 नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम , 2006 विनियम , 2011 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अवमानक पाये गये । राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत विभिन्न जिला कलेक्टर द्वारा की गयी कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है । ( ग ) खंडवा जिले में अवमानक खाद्य सामग्री विक्रय / संग्रह करने पर 01 आरोपी विक्रेता संदीप जैन पिता पवन जैन मेसर्स गणेश दूध डेयरी जलेबी चौक खंडवा के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही की गई है । ( घ ) जी हाँ । दिनांक 06 . 10 . 2019 को गड कारखाने पर कार्यवाही कर 8 क्विटल गुड़ जप्त किया गया है । शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं । ( इ . ) दिनांक 06 . 10 . 2019 को गुड कारखाने पर कार्यवाही करते हुये गुड़ के 02 नमूने जांच हेतु लिये गये है जो कि राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला में विश्लेषणाधीन है । शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है । ( च ) जांच हेतु लिये गये नमूने अवमानक पाये जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 , विनियम , 2011 अंतर्गत कार्यवाही की जाती है । राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत प्रकरण में विचारोंपरांत जिला कलेक्टर द्वारा कार्यवाही की जाती है ।