MP की इस सीट पर आमने सामने हो सकते हैं दो पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, रोचक होगा मुकाबला

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खण्डवा। सुशील विधानी। सूबे में 15 साल का  वनवास काट सत्ता में लौटी कांग्रेस के लिए मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने की कड़ी चुनौती है । टीम कमलनाथ ने जिस चतुराई से प्रभारी मंत्रियों को जिलों की कमान सौपी है उससे जाहिर है कि कांग्रेस किसी भी सूरत में अपने कदम पीछे खींचने वाली नही है । 

खण्डवा लोकसभा सीट कांग्रेस और भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है । भाजपा के दिग्गज पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान मौजूदा सांसद हैं । इस सीट पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और नंदकुमारसिंह चौहान के बीच दो बार मुकाबला हो चुका है । पहली बार मे अरुण यादव विजयी हुए थे लेकिन दूसरी बार सिंह ने अपनी हार का बदला ले कर  यादव को पराजित कर दिया । इस तरह मुकाबला 1- 1 से बराबर है । 

इस बार फिर तय माना जा रहा है कि सिंह और यादव के बीच फायनल मुकाबला होगा। खन्डवा सांसद सीट पर बुरहानपुर के लोकप्रिय नेता  ठाकुर शिव कुमार सिंह के भाई  सुरेंद्र कुमार सिंह जिन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ कर विधायक की हासिल की है वे अपनी पत्नी का टिकट जय श्री ठाकुर को दिलाने चाहते हैं | सुरेंद्र सिंह  शेरा भैया ने  महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस को करारी हार देकर निर्दलीय विधायक का पद जीता है | खंडवा संसदीय सीट का यह इतिहास रहा है 1952 में कांग्रेस के बाबूलाल तिवारी दो बार सांसद चुने गए। इसके बाद महेश मिश्रा और दो बार गंगाचरण दीक्षित चुने गए। यानी कुल 16 चुनाव हुए है। जिनमें तिवारी-दीक्षित दो बार और सबसे अधिक 5 बार सांसद बनने का श्रेय नंदकुमारसिंह चौहान को जाता है। वे निमाड की राजनीति में सबसे अधिक लोकप्रिय नेता के रूप में उभरकर सामने आए है। 

खंडवा लोकसभा के 16 चुनाव में कांग्रेस से 9 बार सांसद चुने गए। वहीं बीजेपी से 6 बार तो एक बार भारतीय लोक दल से परमानंद गोविंदजीवाला चुने गए। लोकसभा सीट पर बुरहानपुर ने 11 सांसद दिए हैं जबकि खंडवा ने 4 और खरगोन ने 1 सांसद। अकेले सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ही 5 बार सांसद चुने गए है। छटवी बार भी उनकी दावेदारी नया रिकॉर्ड बना सकती है। यानी कह सकते हैं कि बुरहानपुर में आजादी के बाद से ही कदावर नेता बडी संख्या में उभरे हैं। 

इस बार की लोकसभा में सिहासन का कौन होगा सांसद ? जयश्री ठाकुर अरुण यादव नंदकुमार सिंह चौहानलोकसभा सीट पर भाजपा ने पत्ते खोल दिए हैं। लेकिन कांग्रेस में खींचतान का दौर जारी है। क्योंकि बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्रसिंह ने आलाकमान के सामने पत्नी जयश्री ठाकुर को टिकट देने की जिद पकड रखी है। ऐसे में कांग्रेस टिकट को लेकर पेशोपेश में है। खैर देखना होगा कि दिल्ली कौन पहुंचेगा इस बार। फिलहाल नंदकुमारसिंह चौहान मैदान है तो कांग्रेस से अरूण यादव या जयश्री मैदान में होगी। 

ये रहे अब तक सांसद

1952 बाबूलाल तिवारी कांग्रेस खंडवा

1957 बाबूलाल तिवारी कांग्रेस खंडवा

1962 महेष मिश्रा कांग्रेस खंडवा

1967 गंगाचरण दीक्षित कांग्रेस बुरहानपुर

1971 गंगाचरण दीक्षित कांग्रेस बुरहानपुर

1977 परमानंद गोविंदजीवाला भारतीय लोक दल बुरहानपुर

1980 ठाकुर षिवकुमारसिंह कांग्रेस बुरहानपुर

1984 कालीचरण सकरगाए कांग्रेस खंडवा

1989 अमृतलाल तारवाला भाजपा बुरहानपुर

1991 ठाकुर महेंद्रसिंह कांग्रेस बुरहानपुर

1996 नंदकुमारसिंह चौहान भाजपा बुरहानपुर

1998 नंदकुमारसिंह चौहान भाजपा बुरहानपुर

1999 नंदकुमारसिंह चौहान भाजपा बुरहानपुर

2004 नंदकुमारसिंह चौहान भाजपा बुरहानपुर

2009 अरूण यादव कांग्रेस खरगोन

2014 नंदकुमारसिंह चौहान भाजपा बुरहानपुर

इसलिए कांग्रेस का पलड़ा भारी 

खण्डवा लोकसभा क्षेत्र की बुरहानपुर, नेपानगर, भीकनगांव, बड़वाह और मांधाता विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का विजयी परचम लहरा रहा है । इन सीटों पर शानदार प्रदर्शन करने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है । सूबे में कांग्रेस की सत्ता में वापसी के साथ सियासी समीकरण बदलने लगे हैं । कांग्रेस एकजुटता और मजबूती से मैदान में नजर आने लगी है । सूबे में सिंहासन गवा कर भाजपा बैकफुट पर दिखाई दे रही है । भाजपा में अदने और आला में मची  अंतर्कलह सड़कों पर आ गई है । विधानसभा चुनाव में हुए टिकटों के वितरण ने जो असंतोष के अंगारे उपजाए थे उनको कई सीटों पर मिली हार ने जमकर हवा दी है । इस सूरत में प्रारंभिक विरोध के बावजूद सांसद नंदकुमारसिंह चौहान और अरुण यादव के बीच  होने वाले संभावित  निर्णायक मुकाबले पर समूचे  प्रदेश की निगाहें लगी हुई है ।हालांकि दोनों दलों ने अपने पत्ते अभी नही खोले है फिर भी सिंह और यादव के बीच मुकाबला तय माना जा रहा है ।