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खंडवा। सुशील विधानि। 

मध्य प्रदेश  खंडवा जिले के  छोटे से गांव बाेरगांव खुर्द के किसान जगदीश की बेटी माधुरी ने कुश्ती में अपना परचम लहराते हुए चैंपियनबुल्गारिया में विश्व कैडेट कुश्ती स्पर्धा में 43 किग्रा वर्ग में उजबेकिस्तान और अजरबैजान काे हराया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े पहलवानाें काे चित करने व देश में पहचान बनाने पर माधुरी के घर व गांव में जश्न का माहाैल जहां जश्न का माहौल था वही पिता और माता की आंखों में भी खुशी के आंसू थे 3 माह बाद इतने शहर लौटी माधुरी का खंडवा रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया जहां ढोल ताशों के साथ एक रैली निकाली गई जिसमें शहर के समाजसेवी और कुश्ती से जुड़े लोग सम्मिलित हुए। 

माधुरी पटेल ने  6 साल अखाड़े और4 साल तक रुई के गद्दे पर करीब 400 पुरुष पहलवानाें काे धूल चटाने वाली माधुरी पटेल ने विदेश में हुई विश्व चैंपियनशिप में देसी दांव आजमाए। 4 मिनट की कुश्ती में माधुरी के लुकान दांव काे उजबेकिस्तान व अजरबेजान की पहलवान समझ ही नहीं पाई औरदाेनाें कुश्तियां माधुरी ने जीत ली। माधुरी भले ही विश्व चैंपियनशिप में मैडल से चूक गई, लेकिन उसके घर व पूरे गांव में जश्न का माहाैल है। घर पहुंचने पर माधुरी का और उनके माता-पिता काे बधाई देने वालाें की भीड़ लगी है।

खंडवा शहर से पांच किमी की दूरी पर बसे ग्राम बाेरगांव खुर्द निवासी माधुरी पिता जगदीश पटेल (15) ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में लगातार दाे मैच में विदेशी पहलवानाें काे हराया। तड़के 4 बजे से सुबह 8 व शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक अखाड़े में पसीना बहाने के बाद दाेपहर में स्कूल व रात में पढ़ाई करते हुए उसने यह मुकाम पाया।

पिता हैं किसान

पेशे से किसान पिता जगदीश पटेल ने बताया जिस वक्त माधुरी ने कुश्ती लड़ रही थीं, तब वह औरपत्नी अनीता खेत में काम कर रहे थे। जीतने की खबर काेच रघु पांजरे, मंशाराम पटेल से मिली। उन्हाेंने बताया पांच साल की उम्र से माधुरी ने गांव के अखाड़े में कुश्ती लड़ना शुरू किया। लड़कियां नहीं थी ताे वह लड़काें के साथ ही कुश्तियां लड़ती औरउन्हें धूल चटाती। उसकी प्रतिभा देखकर मैंने व गांव के ही प्रशिक्षक रघु पांजरे ने उसे प्रशिक्षण देना शुरू किया। व शाम प्रैक्टिस के 15 मिनट बाद बादाम, काली मिर्च, हरी साैंफ, मगज बीज काे पीसकर उसका जूसपीया। सुबह के खाने में बिना मिर्च की मिक्स दाल, 200 ग्राम घी, दाेपहर में एक लीटर दूध, शाम काे मिक्स सब्जी राेटी, रात काे साेते समय 1 लीटर दूध।

चैंपियनशिप में  ऐसे हुआ चयन

माधुरी ने 2015 में हरियाणा, साेनीपत में नेशनल स्कूल गेम्स में कांस्य, 2018 में यूपी के मेरठ में  खिलाड़ियाें के बीच ट्रायल हुए, जिसमें उसका चयन वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए हुआ। तात्या टाेपे अकादमी भाेपाल में तैयारी के बाद उसे 43 किग्रा वर्ग समूह में बुल्गारिया (यूराेप) में हाेने वाली विश्व कुश्ती स्पर्धा के लिए चुना गया।