मजदूर सुरक्षा योजना के लाभ के लिये भटक रहे हितग्राही

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खंडवा/खालवा। सुशील विधानि।

प्रदेश सरकार की महती योजना का लाभ पाने के लिए हितग्राहियों को दर दर भटकना पड़ रहा है।ताजा मामला आदिवासी विकासखंड खालवा के वन ग्राम तावखेड़ी का जहाँ के युवक पूनम पिता टेपा की आकस्मिक मृत्यु हो जाने के बाद उसकी पत्नी डुमिबाई और बच्चो के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया।ऐसे में म.प्र.की हितग्राही मूलक ,मजदूर सूरक्षा योजना की याद आयी।पूनम की पत्नी ने करीब 8 महीने पहले योजना का लाभ लेने के लिये विधिवत आवेदन किया ।कई बार जनपद पंचायत के अधिकारियों एवं कर्मचारी के चक्कर भी लगाएं किंतु अब तक योजना का लाभ नही मिल पाया।खंडवा जिला के अंतिम छोर पर हरदा जिला और बैतूल जिला की सीमा पर बसे गाँव के लोगो को जिला व ब्लॉक मुख्यालय से दूरी अधिक होने की वजह से जहाँ मूलभूत सुविधाओं का पूर्णतः लाभ नही मिल पाता वही हितग्राही मूलक योजना का लाभ लेने के लिये भी काफी मसक्कत करनी पड़ती।बार बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाना पड़ता है जिससे कड़ी मेहनत से मिली मजदूरी गंवाकर भी अधिकारी-कर्मचारी की उदासीनता के कारण  डुमी बाई जैसे भोले भाले आदिवासी ग्रामीण योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाते है।

5 हजार के बजाय पच्चीस सौ दी सहायता

मजदूर सुरक्षा योजना के तहत पात्र व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर पर अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता के लिए 5 हजार रुपये आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है।यह राशि सचिव द्वारा आहरित ग्राम के किसी पात्र हितग्राही की मृत्यु होने पर उस राशि को संबंधित के परिजनों को उपलब्ध कराने के व्यवस्था की गई है किंतु ग्राम पंचायत गोलखेडा के वन ग्राम तावखेड़ी के पूनम की मृत्यु होने पर तत्काल सहायता देने के बजाय कई दिन बाद राशि उपलब्ध कराई गई ।मृतक की पत्नी डुमी  बाई और ससुर टेपा  पटेल ने बताया कि सचिव द्वारा 5 हजार के बजाय के 2 हजार 5 सौ रुपये ही दिए गए।बाकी राशि आज तक नही दी गई। ग्राम पंचायत साचिव चंन्दर सिगं सोलकी जिसने 5माह पहले ही चार्ज लिया जो 100कि.मीटर दुर रहते है। लेकिन पांच मे पांच बार ही आये है। जिसका काम पुरा सहायक साचिव.रामसिंह पालवी देखता है।  गोलखेडा पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर है । जहां अधिकारी एंव जनपद सीईओ को मालूम होने के बाबजूद भी कार्रवाई नही करते है। 

आगामी माह मे भी  गोलखेडा के मृतक की पत्नी  ने जनपद सीईओ शिकायत कि थी की मुझे 5 हजार की जगह 2500 ही दिये तब सीईओ ने निर्देश  देकर तुंरत गोलखेडा के सचिव  मे बाकी राशि दिलवाई लेकिन कारवाई नही करी साचिव पर जिसके कारण ग्राम पंचायत आदिवासी बाहुल्य होने के कारण  कहि आदिवासियों नही है। जानकारी जिसका फायदा साचिव ऊंठा लेते.है। ग्राम मे ऐसे 4-5 केस है। जिन्हें फायदा नही मिला। जनपद पंचायत खालवा के पीसीओ विष्णु पट्टा ने बताया  साचिव को मेने 10-12बार कहां हूं र्मत्यू प्रमाण आनलाईन कर दे तो मे गोलखेडा पंचायत के चारो की संबल योजना की राशि  खाते मे डल जायेगी लेकिन साचिव सुनता नही अपनी मनमर्जी चलता है। जिला पंचायत सीईओ नागेंद्र सिगं ने बताया सचिव की लापरवाही के कारण आदिवासी को फायदा नही पहूचं रहा है,तो मै तुरंत खालवा सीईओ को निर्देशित कर कार्रवाई लिये कहता हूं।

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