मंत्री तुलसीराम सिलावट ने दिए निर्देश, कहा मत्स्य पालन गतिविधियां बढ़ाएं

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट (tulsiram silawat) ने बुधवार को सर्किट हाउस खंडवा (Circuit House Khandwa) में जल संसाधन विभाग (Department of Water Resources) के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि, जिले में कोई 2 बड़े तालाब चिन्हित कर उन्हें जनभागीदारी से विकसित करें। उन्होंने कहा कि इन तालाबों का जीर्णोद्धार, गहरीकरण व सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाए।

खंडवा, सुशील विधाणी। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट (tulsiram silawat) ने बुधवार को सर्किट हाउस खंडवा (Circuit House Khandwa) में जल संसाधन विभाग (Department of Water Resources) के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि, जिले में कोई 2 बड़े तालाब चिन्हित कर उन्हें जनभागीदारी से विकसित करें। उन्होंने कहा कि इन तालाबों का जीर्णोद्धार, गहरीकरण व सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाए। तथा इन तालाबों को अतिक्रमण मुक्त भी किया जाए। इस दौरान मंत्री सिलावट ने कलेक्टर अनय द्विवेदी (Collector Anay Dwivedi) से दूरभाष से चर्चा कर जिले में तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए भी कहा। उन्होंने तालाबों का जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण कार्य के लिए सांसद विधायक निधि की राशि भी उपयोग में लेने को कहा। इसके अलावा समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों, समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं, वकीलों, इंजीनियर्स, पंचायत पदाधिकारियों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर तालाबों को जनभागीदारी से विकसित कराए जाने के निर्देश दिए ।

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मंत्री सिलावट ने कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि यह कार्य हर हाल में वर्षा से पूर्व अगले 2-3 माह में पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है, पानी का महत्व न केवल हमारे लिए है, बल्कि पशुओं के लिए भी पानी अनमोल है, इसलिए पानी का महत्व समझते हुए सभी के सहयोग से तालाबों को गहरा किया जाए, ताकि वर्षा का पानी इन तालाबों में अधिक मात्रा में एकत्र हो सके। मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इस दौरान जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री से कहा कि जनभागीदारी से जल आंदोलन चलाकर तालाबों का जीर्णोद्धार कर जल स्तर बढ़ाने का प्रयास किया जायेगा। जिसका फायदा किसानों को मिलेगा। उन्होंने तालाब की पाल को ऊंची करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आज से पच्चीस बरस पहले हम ग्रामवासी नदी और तालाबों का जल पेयजल के रूप में भी उपयोग में लाते थे। यह शुद्ध हुआ करता था, लेकिन आज दुर्भाग्य यह है कि नदी-नाले, तालाब सभी सूख चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तालाब सूखने से आज मवेशियों के लिए भी पीने के पानी का नैसर्गिक स्रोत समाप्त हो चुका है।

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मत्स्य पालन मंत्री सिलावट ने सहायक संचालक मत्स्योद्योग (Assistant director fisheries) से भी सर्किट हाउस में चर्चा कर जिले में मत्स्य पालन गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने सहायक संचालक मत्स्य उद्योग को निर्देश दिए कि सभी पात्र मछुआरों को फिशर मेन क्रेडिट कार्ड (Fisher Men Credit Card) उपलब्ध कराएं । इस दौरान सहायक संचालक ने बताया कि जिले में कुल 230 तालाबों में मछली पालन हो रहा है, जिसमें 135 ग्रामीण शासकीय तालाब, 26 निजी ग्रामीण तालाब, ग्राम पंचायत क्षेत्र में 13, जनपद के अधीन 44, जिला पंचायत के अधीन 1, मत्स्य महासंघ के अधीन 2 तथा नगरीय निकाय क्षेत्र में 5 तालाब व वन क्षेत्र में 4 तालाब शामिल है। मत्स्य पालन मंत्री सिलावट ने इस दौरान निर्देश दिए कि मछुआरों तथा भोई समाज के लोगों को मत्स्य पालन गतिविधियों के लिए शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया जायें। सहायक संचालक मत्स्य उद्योग ने बताया कि जिले में 117 मछुआरों के फिशर मेन क्रेडिट कार्ड बन चुके है तथा 80 मछुआरों के क्रेडिट कार्ड तैयार किए जा रहे है। मत्स्य पालन मंत्री सिलावट ने शेष मछुआरों को 3 दिवस में क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।