बेटियां बन चुकी मां, फिर भी नहीं मिली कन्यादान योजना की राशि

मुख्यमंत्री कन्या विवाह और निकाह के प्रकरणों में भी नहीं मिल पाई हितग्राहियों को राशि

Khandwa-kanyadan yojna

खंडवा, सुशील विधानी| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) के खंडवा जिले (Khandwa District) में अब अनोखे मामले सामने आ रहे हैं| विवाह होने के काफी लंबे समय बाद भी शासन द्वारा दी जाने वाली कन्या विवाह-निकाह योजना (Kanya Vivah Yojna) की प्रोत्साहन राशि अभी तक नहीं प्राप्त हुई है| कई महिलाएं अब मां बन चुकी है| लेकिन विभागों के चक्कर काटते हुए थक गए हैं|

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से गुहार भी लगा रहे हैं कि विवाह सहायता राशि जो दी जाने वाली है उसे जल्द से जल्द दिलवाया जाए| इसी को लेकर खंडवा कलेक्टर कार्यालय में कई समाज की महिलाएं पहुंची| विवाह के समय परिवार वालों ने हजारों रुपए खर्च कर दिए लेकिन अभी तक शासन द्वारा दी जाने वाली राशि नहीं मिल पाई| आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को विवाह/निकाह के बाद गृहस्थी बसाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाली राशि पाने के लिए अब भी जिले के सैकड़ों हितग्राही भटक रहे हैं। इनमें से कई बेटियां तो ऐसी भी सामने आई हैं, जो निकाह/विवाह के बाद मां भी बन चुकीी, लेकिन सरकार की आर्थिक सहायता अब तक उन्हें नसीब नहीं हो पाई है।

करीब दो साल से योजना की राशि पाने जनपदों और नगरीय निकायों के चक्कर काट रहे लोग मांधाता उपचुनाव से पहले उनके पास पहुंचने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं से भी सवाल करने लगे हैं कि आखिर रकम उन्हें कब मिलेगी। जिसका कार्यकर्ता कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इधर सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों की माने तो इस मद में फंड नहीं होने के कारण भुगतान अटका हुआ है। फंड जारी करने को लेकर विभाग ने फिर सरकार को पत्र लिखा है।

इन जोड़ों ने भी अपने जिलों में अर्जी देकर राशि की मांग की है। उनका तर्क है कि कोरोना संकट में सब चौपट हो गया है। ऐसे में राशि मिल जाए तो रोजगार शुरू करने या ग्रहस्थी चलाने में मदद मिलेगी। इसे लेकर पिछले महीनों में कई जिलों के कलेक्टरों ने सामाजिक न्याय विभाग को पत्र लिखे हैं। हम आपको बता दें कि कमलनाथ सरकार जब बनी थी तो कांग्रेस ने सत्ता में आते ही कन्यादान विवाह औऱ निकाह योजना की राशि 51हजार रुपए कर दी थी| लेकिन आज तक एक भी विवाहित जोड़े को 51हजार रुपए नहीं मिले|