Khandwa News : पुलिस के हत्थे चढ़ी लुटेरी दुल्हन, 90 हजार लेकर हुई थी फरार

खंडवा, सुशील विधानी। पुलिस ने आखिर दो साल बाद रूपए लेकर भागी लुटेरी दुल्हन को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। इसी के साथ फर्जी शादी कर लोगो को लूटने वाले अंतर्रज्यीय गिरोह का खुलासा भी हुआ है।

शादी के बाद पैसे लेकर फरार
गुरूवार को खंडवा पुलिस ने फर्जी शादी कर लड़के वालों को लूटने वाले गिरोह का खुलासा
किया। फर्जी शादी रचाकर गिरोह में शामिल दुल्हन (Robbery bride) दो साल पहले 90 हजार रूपए लेकर फरार हो गई थी। अब दुल्हन और उसकी साथी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस कंट्रोल रूम आयोजित पत्रकारवार्ता में पुलिस अधीक्षक ललित गठरे ने बताया कि 2 अप्रैल 2019 को फरियादी सदाशिव गुजर ने शिकायक की थी कि उसके लिए दिपाली लड़की का रिश्ता आया और जो रिश्ता लाए थे उन्होने बताया कि लड़की की मां अपंग है पिता नहीं है और भाई अलग रहता है। इसकी किसी अच्छे घर में शादी करना है। लेकिन शादी के लिए लड़की की मां को पैसे देने पड़ेंगे। ऐसा कहकर फरियादी  से 90 हजार रूपये हरसवाडा में लिए गए और फिर उसकी खंडवा कोर्ट में शादी करवाई गई। बाद में मंदिर में मन्नत पुरी करने के नाम पर नई नवेली दुल्हन इंदौर बसस्टैण्ड से फरार हो गई। इसे लेकर थाना छैगांवमाखन में धारा 420, 419, 34 भादवि का मामला पंजीबद किया गया था।

ये है मामला
प्रकरण में विवेचना के दौरान आरोपी राजेश पिला आनंदराव को पूर्व में गिरफ्तार कर लिया था किन्तु फरार दुल्हन दीपाली व भागवत का कोई पता नहीं चल पाया था। पुलिस द्वारा भागवत के पते पर तलाश करने पर भागवत पिता गणपत का 11 साल पूर्व मर जाना पाया गया। इधर भागवत बने फर्जी आदमी की कोई जानकारी नहीं लग रही थी जिसके बाद
सायबर टेक्निकल टीम की मदद से पुलिस गिरोह तक पहुंची। प्रकरण में पुलिस अधीक्षक विवेकसिह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सीमा अलावा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रकाश परिहार, उप पुलिस अधीक्षक नीलम चौधरी द्वारा फरार दुल्हन व उसके साथी को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिये। जिस पर थाना प्रभारी गणपत कनेल ने कई दिनों तक आरोपियों गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। प्रकरण में फरार दुल्हन दिपाली को सायबर टेक्निक की मदद से जलगांव महाराष्ट्र से पकड़ा गया। उसकी सहेली के माध्यम से भागवत बने फर्जी आरोपी की जानकारी पता चली। इस आधार पर सउनि गणपत कनेल, शिवराम पाटीदार, आरक्षक विजय व महिला आरक्षक संगीता वर्मा द्वारा मुंबई में जाकर जानकार आधार पर आरोपी भागवत (नकली नाम) का पीछा किया जिसने कई बार अपना ठिकाना बदला। किन्तु 3 दिन तक रवाल पुलिस स्टेशन क्षेत्र में पुलिस ने भागवत पिता किसन को धर दबोचा। आरोपी के घर पर दबिश में उसके कई फर्जी आधार कार्ड, कई महिलाओं के फोटो व मंदसौर, उज्जैन, राजस्थान, दिल्ली में कई जगह कराई गई शादियों के दस्तावेज मिले है। इसके साथ ही गिरफ्तार दुल्हन दिपाली की मंदसौर में कराई गई शादी के दस्तावेज भी मिले है।

उज्जैन, मंदसौर में कई फर्जी शादी कराई
गिरफ्तारी के बाद दिपाली  ने पूछताछ में बताया की आरोपी भागवत की पत्नी छायाबाई पति प्रदीप नवधरै वर्तमान पति भागवत महिलाओं एवं लड़कियों को फुसलाकर फर्जी शादियों  (Fake marriage) के लिए तैयार करती है। यह भी उज्जैन, मंदसौर में कई शादियां करवा चुकी है, जिसकी जांच की जा रही है। प्रकरण में इस प्रकार अंर्तराज्यीय गिरोह को पकड़ने में गणपत कनेल थाना प्रभारी छैगांवमाखन, सउनि शिवराम पाटीदार, आर विजय सायबर सेल से आरक्षक जितेन्द्र व सुनिल महिला आरक्षक संगीता वर्मा की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम को नगद इनाम से सम्मानित किये जाने की घोषणा की है।