ग्राम कटार में रेत का गोरखधंधा जोरों पर, अवैध खननकर्ताओं पर महरबान प्रशासन

खन्डवा /ओमकारेश्वर। सुशील विधानि।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा रेत माफियाओं के खिलाफ बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं लेकिन इन्हीं के नुमाइंदे इनके दावों की पोल खोलने के साथ इन्हीं के आदेशों की धज्जियां खुले आम उड़ा रहे हैं मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार नर्मदा को संवारने के लिए धर्मस्व विभाग में कंप्यूटर बाबा को अध्यक्ष तो बना दिया है लेकिन केवल खानापूर्ति ही साबित हो रहा है इसी का नतीजा मांधाता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोरटक्का माफी मे पावर प्लांट निर्माण के दौरान देखने को मिला हाल ही में वर्षा ऋतु के कारण नर्मदा के तटों पर भारी मात्रा में पीला सोना कहे जाने वाली रेत का ढेर लग गया है उसी के ऊपर खुलेआम रेत माफिया टूट पड़े हैं और 5000 से ₹6000 कीमत पर शहरों में खुलेआम बेचा जा रहा है वही इस अवैध रेत का पावर प्लांट निर्माण में ठेकेदार भी खुलेआम कर रहा है जिसके कारण खनिज विभाग को लाखों रुपए का चूना लगाने के साथ शासन प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

अब देखना यह होगा कि संपूर्ण जगत की रक्षा करने वाली माता नर्मदा का दोहन करने वाले रेत माफियाओं के खिलाफ कानून का डंडा चलेगा यािन्नी की छत्रछाया में यह भूमाफिया खूब फलेगे भूलेंगे और शासन को चूना लगा कर गब्बर बनते जाएंगे यह देखने वाली बात होगी। जिसमें स्पष्ट नजर आता है कि तू चोर में सिपाई का खेल खुलेआम चल रहा है।