धोखाधड़ी के आरोपी शादाब ने किया सरेंडर, जिले में सक्रिय हैं ठगी माफिया

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खंडवा। सुशील विधानि।

शहर में लगभग 6 से 7 माह से ठगी का खेल जारी है लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाए। इसी का नतीजा है कि जिले में ठगी के माफिया खुलेआम शहर के भोले भाले युवकों, कभी महिलाओं को तो कभी व्यापारियों को तो कभी विद्यार्थियों को अपना शिकार बनाते हैं। यहां तक कि ठगी माफियाओं ने कुंवारे युवकों को शादी का झांसा देकर दुल्हन दिलाने के नाम पर भी कई ठगी हुई है लेकिन पुलिस प्रशासन ने इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। इसी का नतीजा है कि जिले में ठगी माफियाओं का खेल बड़े पैमाने पर जारी है।

ऐसे ही एक मामले में शहर के व्यवसायियों और बेरोजगार युवकों से व्यवसाय के नाम पर रुपए डबल करने का झांसा देकर करीब डेढ़ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर दो माह से लापता आरोपी शादाब पिता सरफुद्दीन जिलानी को दोपहर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रश्मि वाल्टर की अदालत में सरेंडर कर दिया। क्योंकि शादाब को गुरुवार रात पता चल गया था कि उसकी मां नौशाद बी, भाई शाकिब जिलानी के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने धारा 420, 120 बी में आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है।

राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट…

आरोपियों के कोर्ट पहुंचने के कुछ देर बाद मुख्य आरोपी शादाब मजिस्ट्रेट कक्ष में पहुंच गया। यहां मौजूद कोतवाली के सब इंस्पेक्टर सिद्धार्थ सिंह जाधव ने न्यायालय से आरोपी की गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। अभियोजन अधिकारी हरिप्रसाद बांके ने कहा आरोपी शादाब से पुलिस को पूछताछ करना है। मामले में फिलहाल एक फरियादी ने 15 लाख रुपए की धोखाध���ी की एफआईआर दर्ज कराई है। इसके अलावा और भी पीड़ित है जो आरोपी के खिलाफ एफआईआर के लिए कोतवाली व मोघट थाने में आवेदन कर चुके हैं। सीजेएम ने पुलिस डायरी देखने के बाद आरोपी शाकिब जिलानी व उसकी मां को जेल भेज दिया। वही मुख्य आरोपी को पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर कोतवाली भेजा गया है। आरोपी 2011 में खरगोन में ढाई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर चुका है।

धोखाखड़ी करके इन लोगों को किया गुमराह..

मोहम्मद शोएब पाकीजा 15.18 लाख, फहीम पिता याहया 6.25 लाख रुपए, फहीम पिता नईम 15.80 लाख रुपए, आसिफ मुंशी खान 4 लाख, जिशान पिता सईद अजरी 4 लाख, मौलाना अरशद रफीक 6 लाख, शुभम काले, सतविंदरसिंह सहित और भी पीड़ित हैं जो अब तक थाने नहीं पहुंचे हैं। फरियादी शोएब के मुताबिक आरोपी ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए की धोखाधडी की है। कुछ लोग लोकलाज के डर से पुलिस तक नहीं पहुंचे।

अपने रिश्तेदारों को भी नहीं छोड़ा…

आरोपी शादाब, उसकी मां व भाई ने अपने नाना-दादा पक्ष के रिश्तेदारों को भी नहीं छोड़ा। ठगी के इस खेल की शुरूआत खरगोन से हुई। आरोपी ने जून 2011 में रिश्तेदार, दोस्तों व परिचितों से ढाई करोड़ की धोखाधड़ी की थी। कुछ लोगों ने पुलिस रिपोर्ट की तो आरोपी ने उनके रुपए किश्तों में दिए।

पिटाई की तैयारी में थे धोखाखड़ी के पीड़ित…

आरोपी दो माह से फरार था। इस बीच पीड़ित लोगों ने उसकी मां व भाई से रुपए मांगे तो आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं के खिलाफ ही पुलिस को शिकायत कर दी। 108 का ड्राइवर फहीम उर्फ लक्की ने कहा मैंने कर्ज लेकर साढ़े छह लाख शादाब को दिए। पीड़ितों ने शादाब की पिटाई की तैयारी कर ली थी।

मैं रोज के एक लाख रु. कमाता हूं…

आरोपी शादाब जिलानी खरगोन के प्रतिष्ठित परिवार से है। वह अपने रहन-सहन और लाइफ स्टाइल से लोगों को आकर्षित कर लेता है। खरगोन में 2011 में धोखाधड़ी के बाद खंडवा आ गया। यहां बुधवारा बाजार में उसकी रेडीमेड की दुकान है। जिसका किराया 30 हजार रु. महीना व 6 नौकर हैं, जिन्हें 30 हजार रु. सैलरी देता है। वह शहर के बेरोजगार युवकों व परिचितों से कहता है कि कपड़ा दुकान तो मेरी नाममात्र की है। मुख्य धंधा तो फोर व्हीलर कार खरीदना व बेचना है। इसमें मुझे 1 लाख रु. रोज का मुनाफा है। इस काम में अगर कोई मेरे साथ शेयर करता है तो उसे भी मालामाल कर देता हूं। शादाब की बातों में कई बेरोजगार फंस गए और उन्होंने कर्ज लेकर शादाब को रुपए दिए। शुरुआत में एक लाख रुपए के बदले व दो दिन बाद ही 1.10 लाख रुपए दे देता, जिससे लोगों को भरोसा हो गया। जिन लोगों ने आरोपी को रुपए दिए है, उन्हें आरोपी ने चौक दिए हैं। जिनमें इसके अलावा कुछ लोगों ने स्टाम्प पर भी लिखवाया है।

इनका कहना…

-जिला पुलिस अधीक्षक डॉ शिवदयाल सिंह ने बताया कि ठगी को लेकर जागरूकता अभियान चलाएंगे। जिससे कि लोग जागे और उनमें लालच और परेशानी में आकर ठगी का शिकार होते लोग इन चीजों से बचें।