माफियाओं के हौसले बुलंद, खनिज विभाग का मिल रहा संरक्षण, एक रॉयल्टी पर महीनों तक चल रही ओवरलोड गाड़ियां

 

सुशील विधानी,खंडवा। खंडवा जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर रेत परिवहन, ओवरलोड व एक रॉयल्टी(Royalty) पर महीनों तक चलने वाली गाड़ियों का खेल खनिज विभाग(Miniral And Resource Department) के संरक्षण में चल रहा है। खंडवा में एक रॉयल्टी पर महीनों तक वाहन संचालन हो रहा है। ऐसा ही नजारा सुमेरनगर में रेत से भरे ओवरलोड ट्रक का दिखा, यह इस बात का प्रमाण है। बार-बार शिकायत होने के बावजूद भी विभाग द्वारा लीपापोती की कार्रवाई के अलावा कुछ नहीं किया जा रहा है। जिम्मेदारों की लापरवाही से राजस्व को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है।

माफियाओं के हौसले बुलंद, खनिज विभाग का मिल रहा संरक्षण, एक रॉयल्टी पर महीनों तक चल रही ओवरलोड गाड़ियां

इस संबंध में जब अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आप हम से मत पूछें आप सब जानते हैं। बता दें कि पहले भी इस बात की शिकायत की गई थी। लेकिन, इसके बावजूद 2 महीने पूर्व वाहन की रॉयल्टी खत्म होने के बावजूद भी वाहन शहर में परिवहन करता हुआ माल सहित ट्रक खड़ा मिल रहे हैं। विभाग केवल स्टाफ ना होने की दुहाई देता है उनके द्वारा कहा गया कि हमें पहले पुलिस व्यवस्था के लिए जवान बुलाना पड़ता है और उसके बावजूद हम पहुंचते हैं। तब तक वहां गाड़ियां चली जाती हैं।इस प्रकार का विभाग के अधिकारी द्वारा जवाब मिल रहे हैं।

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अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं
जिले भर में मुरूम और पत्थरों का अवैध कारोबार चल रहा है। अधिकारियों को सब पता है। लेकिन, फिर भी आंख पर काली पट्टी बांधकर बैठे हुए हैं। ऐसे में अपने आप प्रदर्शित हो रहा है कि इन जिम्मेदारों का सिद्धांत एवं उनका कर्तव्य निष्ठता की बोली लग रही है। जिले के पंधाना क्षेत्र में बनाया गया देड़तलाई मार्ग हो या रेल की पटरी बिछाने के लिए जो सामग्री लगी, पूरे पहाड़ों को गायब कर दिया गया, फिर भी अधिकारी मौन हैं। जिले की नदियों में बड़े पैमाने पर रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। रेत का अवैध कारोबार बहुत गंभीर समस्या बन चुका है।

करोड़ो का कारोबार हर महीने होता है। चर्चा है कि अधिकारियों द्वारा अपने सिद्धांतो से समझौता न किया गया होता तो रेत मुरूम गिट्टी और पत्थर का यह अवैध कारोबार कब का बंद हो जाता। जिले के हरसूद क्षेत्र हो या खालवा का आदिवासी क्षेत्र हो या पंधाना, देशगांव, गुड़ी, सिंगोट, खंडवा, कालमुखी, अमलपुरा, पुनासा, मोरटक्का,, ओमकारेश्वर सभी क्षेत्रों में यहकारोबार लंबे अरसे से धुंआधार चल रहा है। किसी भी अधिकारी ने इस कारोबार पर अंकुश लगाने की आजतक कोशिश नहीं की।

राजनैतिक दलों के नेता मौन क्यों
अब एक सवाल और खड़ा होता है कि प्रशासनिक अधिकारी यदि इस कारोबार को संरक्षण दे रहे हैं। तो जनप्रतिनिधियों को कुछ गंभीर कदम उठाना चाहिए। राजनीतिक पार्टी के जनप्रतिनिधि को कभी भी इस कारोबार के विरोध में आवाज उठाते नहीं देखा गया। ऐसे में अपने आप में साबित होता है कि शासन प्रशासन दोनों की मिलीभगत से अवैध खनन का यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। अवैध
खनन का यह कारोबार समूचे जिले में चल रहा है। यहां कोई जरूरी नहीं की रेत की परमिशन स्वीकृत हो और क्षेत्रफल की सीमा से रेत निकले। खनन माफियाओं के नजर में यदि पड़ गया तो उनके लिए वह पूरे क्षेत्र में खनन करता है। जिले की नदियों में रेत का उत्खनन शुरू हो जाता है। खंडवा जिले में दर्जनों रेत माफिया सक्रिय हैं। बताया जाता है कि सबसे ज्यादा रेत का उत्खनन क्षेत्र में जो कि आशीष इंफ्रा नाम की कंपनी जो हरसूद तथा कालमुखी क्षेत्र में कार्य कर रही है। गुजरात के ठेकेदार का विभाग के अधिकारियों से बढ़कर है, कंपनी के उपर स्वयं खनिज विभाग इतना अधिक मेहरबान है।खनिज विभाग के अधिकारी केवल कठपुतली बनकर रह गए हैं।

इनका कहना
– खनिज अधिकारी सचिन वर्मा ने कहा कि जिले में कार्रवाई करते है। लेकिन, स्टाफ जितना है उतना काम पड़ रहा है।