खंडवा, सुशील विधानी। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर की सड़कों पर बनी अवैध पार्किंग के आगे आमजन लाचार और व्यवस्था बेबस दिखाई दे रही है। एक मात्र प्रमुख सड़क पार्किंग के कारण जाम से जूझ रही है। शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं होगी जहां वाहन पार्क न हो रहे हों, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार इसकी सुध लेने को तैयार नहीं है। हालांकि अफसरों के पास अभी तक भी इस विकट समस्या से निपटने के लिए न तो कोई प्लान है और न ही कोई प्रयास किए जा रहे हैं। बस जल्द इस ओर काम करने की बात कहकर अफसर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।

नगर की यातायात व्यवस्था में अवैध पार्किंग बड़ी बाधा बनी हुई है। अक्सर प्रशासनिक बैठकों में इस बिंदू पर चर्चा भी होती रही है, बावजूद इसके आज तक कोई एक्शन नहीं लिया जा सका है। शायद यही वजह है कि आज इन अवैध पार्किंगों का दायरा बढ़ता जा रहा है और सड़कों के सांथ सरकारी पार्किंग स्थल संकरे हो रहे हैं। इन अवैध पार्किंगों के कारण जहां जाम की समस्या तो बनती ही है वहीं कई हादसे भी हो चुके हैं। नगर पंचायत के अनुसार नगर में कुल छह अधिकृत पार्किंग हैं, लेकिन अगर नगर की सड़कों पर नजर दौड़ाएं तो शायद ही कोई सड़क ऐसी बची हो, जहां अवैध पार्किंग का जाल न बिछा हो। इन अधिकृत पार्किंगों की भी मनमानी का आलम यह है कि पार्किंग स्थल के अलावा सड़क पर दूर तक वाहन खड़े करा दिए जाते हैं। पूर्व में ऐसी पार्किंगों पर तत्कालीन पुनासा एसडीएम ममता खेडे द्वारा शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह व्यवस्था भी नाकाम ही साबित हुई।

अवैध पार्किंग से बिगड़ रही व्यवस्था

पार्किंग व्यवस्था न होने से सड़कों पर वाहन खड़े किए जा रहे हैं। झुला पुल पार्किंग, जेपी चौक तथा नागर घाट मार्ग में अवैध पार्किंग कराई जा रही है। पार्किंग संचालक वाहन चालकों से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। यहां तक कि झुला पुल पार्किंग स्थल पर होटल भोजनालय खोल आधी से ज्यादा जगह पर टेबल कुर्सी लगा लिया जाता हैं बची जगह पर दबंगता पूर्वक होटल में बैठे ग्राहकों के वाहन लगवा लिये जाते हैं जिससे यातायात में व्यवधान उत्पन्न होता हैं।सांथ ही पार्किंग को जगह भी नही बचती।

ओंकारेश्वर में वाहन पार्किंग का ठेका होने के बाद भी यहां की पार्किंग व्यवस्था चरमराई हुई है। स्थिति यह है कि निजी वाहन से ओंकारेश्वर आने वाले लोग अपने वाहन पार्किंग स्थल पर खड़ा न करके नगर के प्रमुख मार्गो के किनारे अपना वाहन खड़ा करते हैं। ऐसे में कई दफा तीर्थ यात्री एवं दुकानदार की वाहन चालकों से बहस हो जाती है। वहीं लोगों कहना है कि जगह-जगह ठेकेदार द्वारा नियुक्त किए गए कर्मचारियों के द्वारा वाहन खड़े करने के तय रुपए से अधिक पैसे मांगे जाते हैं। इस कारण से उनको अपना वाहन रास्ते के किनारे में खड़ा करना पड़ते हैं।

परेशानी-1
झुला पुल पार्किंग में पार्किंग स्थल पर अवैध अतिक्रमण होने से पार्किंग स्थल संकिर्ण होने के कारण लोगों को सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी करनी पड़ रही हैं।

परेशानी-2
नया झुला पुल के ठीक सामने एवं नया झुलापुल तथा जेपी चौक पर दुकानदार करते हैं परेशान। नगर में पार्किंग स्थल बनाये गये है,जो अवैध अतिक्रमण की भेंट चढ़ गये हैं ।यही वजह है कि लोग सड़कों पर गाड़ी खड़ी करते हैं। पर दूसरी दिक्कत यह कि यहां के दुकानदार लोगों को अपनी दुकान के सामाने ऐसा करने से मना करते हैं। पूछने पर क्या यह सड़क उनकी दुकान का हिस्सा है। विवाद करने पर आमादा हो जाते हैं। ऐसा महिला और पुरुष दोनों के साथ होता है। इसलिए दिक्कत है।

परेशानी-3
अवैध पार्किंग बनी मुसीबत, जेपी चोक से नागर घाट एक तो छाेटी और कम चौड़ी सड़क। उस पर भी बीच में डिवाइडर और इसके किनारे बीच सड़क खड़ी गाड़ियां। यूं कहें तो यह सड़क नाम की रह गई है। लोगों को इन्हीं असुविधाओं से गुजरना पड़ता है। और कार्रवाई के नाम पर सबकुछ शून्य है। सबसे ज्यादा यहां दुकानदारों एवं अवैध पार्किंग वालों ने रोड को घेरकर रखा है। बड़ी गाड़ियों के गुजरने पर यहां जाम होता है।

परेशानी -4
पैसे बचाने के फेर में रोड को बना लेते है पार्किंग। अवैध चार पहिंया एवं दो पहिया वाहन पार्किंग संचालक के मनमाने शुल्क एवं उससे होने वाले विवाद से बचने के लिये लोग ज्यादातर पार्किंग का इस्तेमाल नहीं करते। वजह है पार्किंग शुल्क। यहां संचालक द्वारा पार्किंग के पैसे तय कर दिए हैं, जिसके कारण लोग भीतर गाड़ी रखने से परहेज करते हैं। यहां सड़कों पर गाड़ियों की पार्किंग को लेकर अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। यही वजह है कि लोग नियमों का पालन नहीं करते। जिम्मेदारों को भी इसकी परवाह नहीं हैं।