भांजे को मौत के घाट उतारने वाले मामा को Court ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

10 सितंबर 2019 को आरोपी मामा ग्राम पिपराटा निवासी सचिन पिता धनराज अपने भांजे कुणाल को भुक्कन दादा के घर के पास स्थित गणेश पांडाल से अपनी स्कूटी (Scooty) पर बैठाकर खरगोन की ओर ले गया था। जिसके बाद कुएं से कुणाल की लाश मिली थी।

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खरगोन, बाबुलाल सारंग। भांजे को मौत के घाट उतारने वाले मामा को न्यायालय (Court) ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सहायक जिला लोक अभियोजन (Assistant District Public Prosecution) अधिकारी अमरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि 10 सितंबर 2019 को आरोपी मामा ग्राम पिपराटा निवासी सचिन पिता धनराज अपने भांजे कुणाल को भुक्कन दादा के घर के पास स्थित गणेश पांडाल से अपनी स्कूटी (Scooty) पर बैठाकर खरगोन की ओर ले गया था। इसके बाद स्कूटी (Scooty) से वापस घर लौटा था।

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आरोपी सचिन ने रोहित को बताया कि उसका भांजा कुणाल राजेश वर्मा के खेत में बने कुएं में डूब गया है। रोहित आरोपी के भाई के साथ कुएं पर गया और फिर कुएं से कुणाल की लाश को बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया था। जहां डॉक्टरों ने कुणाल को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस थाना मेनगांव ने मर्ग कायम कर जांच में आरोपी सचिन के द्वारा अपराध करना पाए जाने पर उसके विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर आवश्यक अनुसंधान पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय (Court) खरगोन में प्रस्तुत किया।

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प्रकरण में अनुसंधान की कार्यवाही तत्कालीन थाना प्रभारी मेनगांव निरीक्षक सुरेश महाले द्वारा की गई थी। प्रकरण उपार्पण पश्चात प्रथम अपर सत्र न्यायालय श्री सैफी दाऊदी के न्यायालय (Court) को विचारण के लिए प्राप्त हुआ, जिनके द्वारा प्रकरण का विचारण कर आरोपी सचिन को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 1 हजार रूपए के अर्थदंड तथा धारा 364 भादवि में 10 वर्ष के कठोर कारावस व 500 रूपए के अर्थदंड (Penalty) से दंडित किया गया।