Khargone : रामनवमी जुलूस के दंगाइयों से लाखों वसूलेगी सरकार, 15 दिन में जमा करवानी होगी राशि

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले (Khargone) में 10 अप्रैल को रामनवमी दिन निकाले गए जुलुस में हुए दंगों के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने क्लेम्स ट्रिब्यूनल का गठन किया था।

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खरगोन, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले (Khargone) में 10 अप्रैल को रामनवमी दिन निकाले गए जुलुस में हुए दंगों के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने क्लेम्स ट्रिब्यूनल का गठन किया था। क्लेम्स ट्रिब्यूनल का गठन करने के बाद अब पहली बार शिवराज सरकार द्वारा इन दंगों की वजह से हुए नुकसान को लेकर भरपाई करने के आदेश जारी किए है। दरअसल, सरकार अब जुलुस में दंगाई करने वाले 50 लोगों से करीब 7.37 लाख रुपए की वसूली करेगी।

जुलुस में दंगाइयों द्वारा पथराव, लूट और लोगों के घर जलाए गए थे। ऐसे में काफी ज्यादा नुकसान हुआ था। लेकिन अब इस नुकसान की भरपाई सरकार दंगाई करने वाले गुंडों से ही वसूलेगी। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश में पहली बार किसी घटना को लेकर सुनवाई कर के भरपाई करने के आदेश दिए गए है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के अनुसार गठित देश के पहले क्लेम ट्रिब्यूनल ने एक साथ 6 फैसले पहली बार सुनाए है। ऐसे में 4 हिन्दू पक्ष के है और 2 मुस्लिम। इन दोनों पक्षों की सुनवाई की गई।

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साथ ही दोनों ही पक्षों के साक्ष्य और गवाहों को देख जिला प्रशासन ने वसूली की राशि तय की है। तय राशि 7.37 लाख रुपए है। वहीं ये भी बताया गया है कि क्लेम ट्रिब्यूनल का जो फैसला है वो क्रिमिनल कोर्ट के फैसले से प्रभावित नहीं होगा। जानकारी के मुताबिक, क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा फैसला करते हुए ये बताया गया है कि 15 दिनों के अंदर ही आरोपी पक्ष को जो राशि बताई जाएगी वो जमा करवाना होगी। इसके अलावा हर साल करीब 6 प्रतिशत का ब्याज देना होगा। वहीं वसूली कलेक्टर तहसीलदार के माध्यम से की जाएगी।

इस दौरान भू-राजस्व के साथ क्षतिपूर्ति राशि की वसूली की जाएगी। ऐसे में अगर आवश्यकता पड़ी तो कलेक्टर तहसीलदार द्वारा अचल संपत्ति कुर्क कर के उसकी नीलामी भी की जा सकती है। बता दे, ट्रिब्यूनल में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश डॉ. शिवकुमार मिश्रा और सेवानिवृत्त सचिव प्रभात पाराशर सदस्य है। बताया गया है कि अभी ट्रिब्यूनल ने 343 आवेदनों में से ऐसे 34 प्रकरण मान्य किए है जो आरोपी ज्ञात है। ऐसे में 3 प्रकरण आवेदकों द्वारा वापस ले लिए गए है लेकिन अभी सर 6 मामलों में फैसले सुनाए गए है ऐसे में अभी 25 मामले बचे हुए है।