खरगोन दंगे- कर्फ्यू में दी गई और ढील, वही दंगो का दर्द अब भी आ रहा सामने

खरगोन, डेस्क रिपोर्ट। खरगोन में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान दंगों के बाद शहर में कर्फ्यू लगाया गया है, पिछले रविवार को ही शहर के कई हिस्से दंगों की आग में झुलस गए थे, दंगाइयों ने बड़ी संख्या में लोगों के घरों को आग के हवाले कर दिया था वही दुकानों और मकानों में भी आग लगा दी थी। बिगड़े हालातों को देखते हुए प्रशासन ने शहर में 10 अप्रैल को कर्फ्यू लगा दिया था, जिसके बाद 14 अप्रैल को पहली बार कर्फ्यू में कुछ ढील दी गई थी और लोगों को घर के नजदीक तक किराना दुकाने में जाने की छूट दी गई, जिसमें सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक घर से बाहर निकलने की छूट दी गई, वही अब घटना के एक हफ्ते बाद रविवार को खरगोन में लगे कर्फ्यू में 4 घंटे की ढील के बाद और 2 घंटे की छूट बढ़ा दी गई।

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शहर में रविवार सुबह 8 बजे से 12 बजे तक और फिर दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू में छूट दी गई है। यह छूट महिला-पुरुष दोनों के लिए है। रविवार को सैलून, इलेक्ट्रॉनिक, खाद बीज, हार्डवेयर और बर्तन की दुकानें भी खोलने की इजाजत दी गई। सब्जी, फल, दूध, किराना सामान, मेडिकल, इलेक्ट्रिक रिपेयरिंग, मिठाई और नमकीन शॉप्स खोलने की इजाजत इससे पहले ही दी जा चुकी है।हालांकि वाहनों से आवाजाही पर अभी भी रोक है वही शहर के धार्मिक स्थल अभी भी बंद है, वही शनिवार को हनुमान जयंती भी लोगों ने घरों में ही पूजन अर्चन कर मनाई।

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वही अब दंगों में झुलसे खरगोन से कई ऐसी खबरे सामने आ रही है जो पुलिस के लिए भी चुनौती बन रही है ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें बताया जा रहा है कि खरगोन में रामनवमी के जुलूस के दौरान हुए दंगे के बीच एक महिला अपने बच्चों को तलाशने घर से बाहर निकली और लापता हो गई। खरगोन के चमेली की बाड़ी निवासी 29 साल की लक्ष्मी पति धर्मेंद्र हिंसा भड़कने की खबर मिली वह घबरा गई दरअसल उसके दोनों बच्चे रामनवमी का जुलूस देखने घर से बाहर गए थे, दंगों की खबर मिलते ही बदहवास लक्ष्मी अपने बच्चों को ढूंढने के लिए घर से निकली थी, लेकिन 7 दिन बाद भी घर नहीं लौटी। मां के घर नहीं लौटने पर महिला की 8 साल की अदिति बच्ची और 12 साल के बेटे अभिजीत का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। परिवारवालों ने उसे दंगे वाले दिन खूब तलाशा, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसके बाद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस भी अब महिला को तलाशने में जुट गई है।

लापता लक्ष्मी 

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वही अब खरगोन मे हालात सामान्य होने के बाद लोगों की जिंदगी भी पटरी पर लौट रही है,  रविवार को कर्फ्यू में 4 घंटे की ढील मिलते ही खरगोन में एक दूल्हा अपनी बारात लेकर दुल्हन को लेने पहुंचा। दंगा प्रभावित एरिया तालाब चौक में रहने वाले अमन कर्मा और कसरावद की श्वेता की शादी रविवार सुबह हुई। खरगोन जिला मुख्यालय से कसरावद 35 किलोमीटर दूर है। हालांकि बारात में सिर्फ चंद लोग ही दुल्हन को लेने पहुंचे, पहले से तय शादी की इस डेट पर शादी को पुलिस और प्रशासन ने अनुमति तो दी लेकिन तय शर्तों के अनुसार, इसी वजह से सिर्फ चंद लोगों के साथ बिना घोड़ी और बिना बाराती के साथ दूल्हा, दुल्हन के घर पहुंचा, वही बैंड बाजे की अनुमति भी नहीं दी गई।

दूल्हा अमन 

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