छह दिन में तेंदूए ने किया 4 जानवरों का शिकार, लोगों मे डर का माहौल

तेंदुए ने हमला कर 1 बकरी सहित 2 बकरी के बच्चो को अपना शिकार बना लिया। जिसे गांव वाले को बीच दहशत मची हुई है।

बड़वाह, बाबूलाल सारंग। पीली मिट्टी क्षेत्र में उस समय हड़कम मच गया जब गुरुवार की मध्य रात्रि में तेंदुए (Leopard) ने एक बकरी और दो बकरी के बच्चों का शिकार कर लिया। हालाकि तेंदुए द्वारा अब तक जंगल में गाय और बकरियों का शिकार करना आम बात हो चुकी थी। लेकिन, अब रहवासी क्षेत्र में आकर लोगों के घरों में बंधे पशुओं पर हमला करना रहवासियो के बीच चिंता का विषय बन चुका है।

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आपको बता दें की बुधवार गुरुवार की दरमियानी रात्रि करीब 2 बजे पीली मिट्टी निवासी रामकुंवर पति शेरू यादव के बाडे में तेंदुए ने हमला कर 1 बकरी सहित 2 बकरी के बच्चोम को अपना शिकार बना लिया। घटना के बाद राकेश यादव ने बताया कि रात्रि 2 बजे बाड़े में बंधे केडे की जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनकर जब मैने दरवाजा खोलकर तो देखा तेंदुआ घर के गेट से उछलकर भाग निकला। फिर मेने बाड़े में जाकर देखा तो 1 बकरी व 2 बकरी के बच्चों को तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया था। इस मामले में सुबह 10 बजे वन रक्षक (Forest Security) ने मौके स्थल पर आकर पंचमाना बनाया और शासन को भेजने की बात कही।

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प्रमोद मण्डलोई ने बताया कि घटनास्थल पर तेंदुए के पदचिन्ह (Footprint) व बकरियों के शरीर पर तेंदुए के पंजे के निशान है। गुरुवार को एक बार फिर तीन बकरियों को तेंदुए ने अपना शिकार बनाया है। जबकि कुछ दिन पहले ही ग्राम रूपाबेडी में तेंदुए ने एक बछड़े को अपना शिकार बनाया था। तेंदुए का जंगल से रहवासी क्षेत्रो में प्रवेश करना कहीं न कहीं स्थानीय वन विभाग के अधिकारी एवं बिट अधिकारियो द्वारा की जाने वाले सुरक्षा इंतजाम की लापरवाही को दर्शाता है। यदि यह समस्या समय रहते दूर नहीं की गईं तो वह दिन दूर नहीं जब जानवरो के साथ इंसान भी तेंदुए का शिकार होंगे।