कोरोना के बाद प्रकृति का कहर… किसानों की गेंहू की फसलें बर्बाद

खरगोन ।त्रिलोक रामणेकर। वैसे तो पूरा विश्व इन दिनों कोरोना वायरस से पीड़ित एवं परेशान है, वहीं दूसरी ओर किसानों की रीढ़ मानी जाने वाली उनकी मुख्य फसल गेहूं के ऊपर संकट के बादल छा गए।

एंकर-आज सुबह मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के भगवानपुरा तहसील क्षेत्र के ग्राम बहादरपुरा,मोहना नागर खेड़ी सहित आसपास के ग्रामों में तेज आंधी और तूफान के साथ बारिश हुई जिसके चलते गेहूं की खड़ी फसल बर्बाद हो गई है ।किसान परेशान हैं उनका कहना है कि इस वर्ष खरीफ की फसल भी अत्यधिक बारिश के चलते बर्बाद हो गई थी।
वहीं दूसरी ओर रबी की फसल गेहूं चने से काफी उम्मीदें बंधी थी। खेतों में फसलें तैयार हो गई थी बालियां पक कर तैयार थी सिर्फ फसल काटने की देर थी। लेकिन वर्तमान में कोरोना वायरस के चलते शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में टोटल लाक डाउन है। मजदूर मिल नहीं रहे, थ्रेसर, हार्वेस्टर उपलब्ध नहीं है ।डीजल मिल नहीं रहा है। ऐसी स्थिति में किसान क्या करें। वही आज जो तेज आंधी और तूफान के साथ हुई बारिश से गेहूं की खड़ी फसलें बर्बाद हो गई ।

किसानों ने बताया कि उनकी गेंहू की फसलें खराब हो गई है। वही किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी चौहान से मांग की है कि फसलों का अविलंब सर्वे करवाया जाए एवं उचित मुआवजा दिलवाया जाए।