कोरोना काल की मानवीयता, टीआई ने थाने में खड़ी कराई बस, फिर यात्रियों को कराया नाश्ता

खरगोन, बाबूलाल सारंग। कहते हैं संकट के समय ही व्यक्ति की पहचान होती है। कोरोना काल में ऐसे कई नजारे देखने को मिले जहां लोगों ने पद के अनुशासन के साथ मानवीयता का धर्म भी निभाया। ऐसा ही वाकया सामने आया खरगोन में, जहां लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन पर एक थाना प्रभारी ने पहले तो बस को रोक दिया। उसके बाद उन्होने बस में सवार यात्रियों की भूख मिटाने का इंतजाम किया।

लाक डाउन प्रोटोकॉल का पालन करवाने के लिए जगह जगह पुलिस तैनात है। शुक्रवार को बड़वाहा थाना प्रभारी प्रभारी संजय द्विवेदी मोर्चा संभाले हुए थे, इसी दौरान उन्होने देखा कि मेन चौराहा बड़वाहा पर एक बस में ठूंस ठूंसकर यात्री भरे हैं। खंडवा से इंदौर जा रही माँ शक्ति ट्रेवल्स बस में प्रोटोकॉल के विपरीत कई सवारियों को भेड़ बकरियों की तरह बैठाया गया था। इतनी भीड़ देखकर थाना प्रभारी बस को थाने में ले गए। गिनने पर पाया की बस में 93 सवारी बैठी है। इसके बाद ड्राइवर और कंडेक्टर को फटकार लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की।

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दोपहर 1 बजे जब बस को थाने पर लाया गया तो चिलचिलाती धूप थी। बस में छोटे छोटे बच्चे और गरीब महिलाएं भी थीं। इसके बाद थाना प्रभारी ने मानवीयता का परिचय देते हुए सभी सवारियों को छाँव में बैठने की व्यवस्था की। फिर उन्होने ठंडे पानी का इंतजाम करवाया और फल खरीदे। थाना प्रभारी संजय द्विवेदी ने खुद ये ये फल और पानी सवारियों को बांटा। करीब डेढ़ घंटे तक वो सबको नाश्ता कराते रहे। इसके बाद दो बस की व्यवस्था कर सभी यात्रियों को प्रोटोकॉल के तहत इंदौर उनके घर छुड़वाने की व्यवस्था भी की। उन्होने सभी यात्रियों को कोरोना सम्बंधित जानकारी दी और कहा कि इससे बचने के लिए सभी दिशानिर्देशों का पालन करें। थाना प्रभारी की की मानवता भरे व्यवबार की सभी यात्री तारीफ करते नजर आए।