वकील साहब पर लगा जुर्माना, कमिश्नर बोले – You Should Be Ashamed Of Your Self

कमिश्नर ने पूछा मास्क कहाँ है, वकील साहब ने जवाब दिया गाड़ी में भूल आया, कमिश्नर बोले आपको कोरोना होगा कि गाड़ी को? पढ़े लिखे आदमी हो, आपको तो दूसरों को मास्क पहनाना चाहिए और खुद ही पहनकर नहीं आ रहे हो।

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर नगर निगम (Gwalior Municipal Corporation) के नए कमिश्नर शिवम वर्मा (Commissioner Shivam Varma) अपनी पहली बैठक में अपने स्टाफ को ईमानदारी, पारदर्शिता और नियमों का पालन करने की हिदायत दे चुके हैं। अब कमिश्नर शिवम वर्मा (Commissioner Shivam Varma) ने अपनी पहली ही जनसुनवाई में कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन पर कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने नियम का उल्लंघन करने वाले एक वकील साहब पर जुर्माना लगाया और उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि You Should Be Ashamed Of Your Self.

दरअसल कमिश्नर शिवम वर्मा (Commissioner Shivam Varma) ने पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को पहली जन सुनवाई की उन्होंने महीनों से परेशान एक पेंशनर को तत्काल पेंशन उपलब्ध कराई वहीं कई और जन समस्यायें मौके पर ही निपटाई। जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता दिलीप नरवरिया राजीव गांधी आवास में निगम के अमले द्वारा खाली पड़े घरों में अपात्र लोगों को रखने और कई जरूरतमंद लोगों को आवास उपलब्ध नहीं कराने की शिकायत को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे । चूंकि दोपहर के 1 बज चुके थे, वे हड़बड़ाहट में अपना मास्क लगाना भूल गए और जन सुनवाई कक्ष के बाहर बैठी महिला कर्मचारी ने उन्हें बिना मास्क के ही अंदर जाने के लिए बोल दिया।

एडवोकेट दिलीप नरवरिया बिना मास्क के ही निगम कमिश्नर शिवम वर्मा (Commissioner Shivam Varma) के सामने पहुंच गए। शिवम वर्मा ने (Shivam Varma) ने उनसे उनकी समस्या पूछी और उसके निराकरण के निर्देश दिये। अचानक कमिश्नर शिवम वर्मा (Commissioner Shivam Varma)  का ध्यान वकील साहब के मास्क नहीं पहनने की तरफ गया। कमिश्नर ने कहा कि इनका जुर्माना काटो। उन्होंने स्टाफ से पूछा कितना जुर्माना लगता है जवाब मिला 200 रुपये। कमिश्नर शिवम वर्मा (Commissioner Shivam Varma)  ने एडवोकेट दिलीप से पूछा कितना पढ़े लिखे हो, जवाब मिला लॉ ग्रेजुएट। कमिश्नर बोले लॉ ग्रेजुएट साहब आपको पता नहीं है कोरोना फैला है। दुनिया के हर कलर के पैन लगाए हो कोट में लेकिन मास्क नहीं लगाए।

एडवोकेट ने सफाई देने की कोशिश की कि टाइम खत्म हो रहा था तो मैडम ने कहा कि ऐसे ही चले जाओ तो मैं आ गया। कमिश्नर ने पूछा मास्क कहाँ है, वकील साहब ने जवाब दिया गाड़ी में भूल आया, कमिश्नर बोले आपको कोरोना होगा कि गाड़ी को? पढ़े लिखे आदमी हो, आपको तो दूसरों को मास्क पहनाना चाहिए और खुद ही पहनकर नहीं आ रहे हो।You Should Be Ashamed of Your Self. कमिश्नर शिवम वर्मा ने स्टाफ की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इनको मास्क दो और जुर्माना जरूर काटना। ऐसे लोगों के लिए कोई रियायत नहीं। यहाँ अच्छी बात ये रही कि एडवोकेट दिलीप नरवरिया ने अपनी भूल को स्वीकार किया और बिना कोई बहस किया जुर्माना भी भर दिया।