कमलनाथ ने मांगा जनता का साथ, कहा चुनाव के बाद साथ मनाएंगे दीपावली

शिवराज को बताया घोषणावीर

मंदसौर, तरूण राठौड़। पूर्व सीएम कमलनाथ ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि चुनाव में आगे आकर संविधान व लोकतंत्र की रक्षा करें। उन्होने पूछा कि आप प्रदेश का कैसा भविष्य चाहते हैं। वोट से बनी सरकार या नोट से बनी सरकार, यह आपको तय करना है। उन्होने कहा कि इस चुनाव के बाद हम दीपावली साथ में मनायेंगे।

उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद कांग्रेस ने पूरी तरह बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है। आज मंदसौर की सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के सीतामऊ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि “मैं प्रदेश की जनता से अपील करता हूं कि प्रदेश में लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए आगे आएं। आप प्रदेश का कैसा भविष्य चाहते हैं, वोट से बनी सरकार या नोट से बनी सरकार यह आपको तय करना है। इनका बस चलेगा तो पंचायत का चुनाव भी नहीं कराएंगे, बोली लगाकर आपके सरपंच का चुनाव भी हो जाएगा। क्या आप प्रदेश का ऐसा भविष्य चाहते हैं, क्या आप ऐसा लोकतंत्र चाहते हैं ? अगर नहीं तो प्रदेश का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए आप आगे आएं।” कमलनाथ ने कहा कि हमारी सभाओं में भीड़ आई हुई होती है, लाई हुई या सरकारी भीड़ नहीं होती है और आपका इतना बड़ा जनसैलाब देखकर मुझे ताकत, बल व शक्ति मिली है।

कमलनाथ ने जनता को याद दिलाया कि जब क्षेत्र में अतिवृष्टि हुई थी तो मैं आपके बीच में आया था। उस समय मैंने देखा कि किसान भाइयों की आंखों में आंसू थे, किसानों में निराशा का भाव था। मैंने यहां से वापस जाते ही अधिकारियों को बुलाया, उन्होंने कहा सर्वे करेंगे। मैंने उन्हें कहा कि कमलनाथ सर्वे के भरोसे रुकने वालों में से नहीं है। फाइलों का पेट बाद में भर लेना पहले मुझे किसानों का पेट भरना है और आप जानते हैं कि हमने किसानों को तत्काल मुआवजा प्रदान किया। मैं  घोषणावीर मुख्यमंत्री नहीं हूं। शिवराज जी तो जेब में दो-दो नारियल लेकर चल रहे हैं, कहीं भी फोड़ देते हैं और यहां भी आकर उन्होंने कई झूठी घोषणाए की है। चुनाव के बाद सारे नारियल जनता गाड़ियों में भरकर शिवराज जी को वापस भिजवा देगी।

अपने संबोधन में कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश की जनता ने हम पर विश्वास किया था। 15 वर्ष बाद हमें प्रदेश सौंपा था। शिवराज जी ने जो प्रदेश हमें सौंपा था वह किसानों की आत्महत्या में, बेरोजगारी में, भ्रष्टाचार में नंबर वन था और खुद को मामा कहने वाले शिवराज के राज में प्रदेश महिलाओं के अत्याचार में भी नंबर वन था। हमने 15 माह में किसानों की आर्थिक मजबूती, युवाओं को रोजगार को लेकर कई काम किए। हमने प्रदेश की एक नई तस्वीर बनाने का काम किया क्योंकि भाजपा सरकार में प्रदेश की पहचान माफियाओं से और मिलावटखोरों से थी। इन्होंने बाबासाहेब के बनाए हुए संविधान के साथ भी खिलवाड़ किया, सौदेबाजी व बोली से सरकार बना ली लेकिन इस चुनाव के बाद हम दीपावली साथ में मनाएँगे।

उन्होंने कहा कि जब भाजपा से रोजगार की बात करो, किसानों की बात करो तो यह उसकी बात नहीं करेंगे। यह तो पाकिस्तान और चीन की बात करने लग जाते हैं। हमने 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया, विधानसभा में ख़ुद भाजपा सरकार ने इसे स्वीकारा और हमारी सरकार वापस आने पर आने पर वादे के मुताबिक हम बचे किसानों का भी कर्ज माफ करेंगे। शिवराज जी को आज भी मेरी खुली चुनौती है कि कर्ज माफी को लेकर किसी भी समय मुझसे आकर आमने-सामने बहस कर लें। मैं कर्ज माफी के सारे प्रमाण उनके सामने रख दूंगा और उनके झूठ को प्रदेश की जनता के सामने बेनकाब कर दूँगा। मुझे शिवराज से,भाजपा से नहीं जनता से प्रमाण पत्र चाहिए।

कमलनाथ ने कहा कि मैं क्षेत्र की जनता से कहना चाहता हूं कि वह शासकीय तंत्र जो भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रहे हैं, उन से डरने की, घबराने की जरूरत नहीं। हमारी सरकार आने पर एक-एक से जनता को गवाह बनाकर हिसाब लेंगे। हमारा प्रदेश 5 राज्यों से घिरा हुआ है। हमारे प्रदेश में निवेश क्यों नहीं आ सकता, क्योंकि विश्वास का माहौल नहीं था। हम रोजगार की बात करते हैं, यह बेरोजगार बनाने की बात करते हैं। हम किसान हित की बात करते हैं,यह मंडी के निजीकरण का, किसानों को बर्बाद करने वाले कानून ले आए हैं। इन्होंने सदैव देश की जनता को ठगा है। कमलनाथ ने कांग्रेस प्रत्याशी के लिए वोट मांगते हुए कहा कि मैंने आपके बीच राकेश पाटीदार जैसा युवा उम्मीदवार दिया है। यह उत्साहित कार्यकर्ता है, सक्रिय हैं। जनता के हितों के लिए व क्षेत्र के विकास के लिये यह इसी उत्साह से काम करेंगे।

इस अवसर पर सभा को पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, सुवासरा विधानसभा प्रत्याशी राकेश पाटीदार, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह, विधायक मनोज चावला, दिलीप गुर्जर, महेश परमार, पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा, सुभाष सोजतिया, भारत सिंह जावरा, पुष्पा भारती, जिला अध्यक्ष नवकृष्ण पाटिल आदि ने भी संबोधित किया।